स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य केंद्र में नियमित की जाएगी जलापूर्ति

जिला समाहरणालय के सभागार में गुरुवार को डीसी चंदन कुमार की अध्यक्षता में जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक हुई। बैठक में कार्यपालक अभियंता प्रदीप कुमार सिंह के द्वारा स्वच्छ भारत मिशन तथा जल जीवन मिशन के वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने बताया गया कि वर्तमान में 326 गांव में 115 गांव मॉडल के रूप में घोषित हो चुके हैं । जिसके सत्यापन हेतु टीम का गठन किया गया है। इस संबंध में डीसी चंदन कुमार के द्वारा निर्देशित किया गया कि 13 जनवरी को सभी प्रखंड में टीम का प्रशिक्षण करते हुए सत्यापन प्रक्रिया को प्रारंभ किया जाए। बीस जनवरी से पूर्व सभी गांव का जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का उन्होंने निर्देश दिया। बैठक में सहयोगी संस्था यूनिसेफ के निर्भय कुमार ने बताया कि वर्तमान में कुल 244 गांव में तरल कचरा प्रबंधन से संबंधित व्यवस्था है । इस संबंध में डीसी ने शेष 74 गांव का सर्वे करते हुए प्रतिवेदन 11 जनवरी की शाम तक उपलब्ध कराने को कहा। स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण से संबंधित कार्य की समीक्षा करते हुए उन्होंने 18 जनवरी से पूर्व सभी गांव का सर्वे करते हुए प्रतिवेदन को उपलब्ध कराने को कहा। कचरा वाहन के नियमित संचालन ग्राम व पंचायत स्तर पर कराने का भी निर्देश दिया। गोवर्धन योजना से संबंधित समीक्षा के क्रम में कार्यपालक अभियंता ने बताया कि चितरपुर प्रखंड के सेवई उत्तरी पंचायत में गोबर गैस प्लांट निर्माणाधीन है। जिस पर जल्द निर्माण कार्य पूर्ण करते हुए संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट के निर्माण तथा संचालन के क्रम में कार्यपालक अभियंता ने बताया कि रामगढ़ जिले के मांडू प्रखंड स्थित चट्टी पंचायत में इकाई का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। मशीनों का क्रय भी कर लिया गया है। बिजली कनेक्शन करने के पश्चात केंद्र को चालू कराया जाएगा।पंचायत स्तर पर निर्मित होने वाले प्लास्टिक पृथक्करण केंद्र से संबंधित भूमि प्रतिवेदन के समीक्षा के क्रम में कार्यपालक अभियंता के द्वारा विभिन्न प्रखंडों से प्राप्त भूमि प्रतिवेदन से संबधित जानकारी पर डीसी ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कनीय अभियंता से अपने-अपने क्षेत्र के अंचलाधिकारी से समन्वय स्थापित करते हुए यथाशीघ्र भूमि प्रतिवेदन प्राप्त करने को कहा। जिससे पंचायत में पृथक्करण केंद्र का निर्माण कराया जा सके।जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए वैसे गांव जहां 80% से 99% के बीच घरेलू नल जल संयोजन किया जा चुका है। वैसे गांव में 10 दिनों के अंदर तीव्र गति से कार्य करते हुए शत प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने को कहा गया। साथ ही सभी स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र तथा अन्य संस्थाओं में नियमित जलापूर्ति करने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक डीडीसी रोबीन टोप्पो, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी जिला जनसंपर्क पदाधिकारी , जिला शिक्षा अधीक्षक, डीएमओ स्वास्थ्य विभाग, सहित सभी अंचलाधिकारी शामिल थे।

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