इंदौर की बस सेवा व्यवस्था संभाल रही अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (एआईसीटीएसएल) का मप्र यात्री परिवहन और इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमपीपीटीआईएल) में विलय जल्द होने जा रहा है। सूत्रों के अनुसार दो महीने में पूरे स्टॉफ सहित मर्जर की प्रक्रिया पूरी हो सकती है। इसकी पूरी जानकारी भोपाल भेजी जा चुकी है। इसके साथ ही शहर और इंट्रा सिटी बसों के परमिट जारी करने का अधिकार आरटीओ से हटाकर एआईसीटीएसएल को सौंपने की तैयारी है।
नई व्यवस्था लागू होने पर नगर निगम लोक परिवहन की सीधी जिम्मेदारी से बाहर हो जाएगा। विलय के बाद इंदौर शहर ही नहीं, पूरा इंदौर संभाग एमपीपीटीआईएल के प्रशासनिक नियंत्रण में आएगा, वहीं अन्य जिलों में भी इसे एजेंसी के रूप में काम सौंपा जाएगा। रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा था कि नगर निगम का दायित्व सड़क, बिजली, सीवरेज और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं देना है, बस चलाना नहीं। इसी आधार पर निगम को बस संचालन से हटने के निर्देश दिए गए हैं। इससे नगर निगम पर हर साल 60 करोड़ का बोझ घटेगा। नई व्यवस्था में बसें नए रूट और गांवों तक पहुंचेंगी। संचालन पीपीपी मॉडल पर होगा। एआईसीटीएसएल का 15-16 करोड़ का घाटा अब एमपीपीटीआईएल वहन करेगा। इंदौर में 32 रूट पर चलेंगी, मंत्री से लेकर कलेक्टर तक रखेंगे नजर


