रांची | गोस्सनर कॉलेज में चल रहे संकाय संवर्द्धन कार्यक्रम के तीसरे दिन गुरुवार को सामुदायिक सहभागिता व भविष्य की योजना विषय पर चर्चा हुई। पहले सत्र में रिसोर्स पर्सन डीएसपीएमयू के अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. विनय भरत ने बताया कि सामुदायिकता की शुरुआत ब्राजील से हुई। इसे किताबों से नहीं जाना जा सकता है। झारखंड के कण-कण में सामुदायिकता की झलक मिलती है।


