ठंड ने प्रदूषण को जकड़ा:भोपाल में 11 दिन से पारा 9 डिग्री से नीचे, AQI- औसतन 200+

भोपाल में सीजन के दूसरे दौर की ठंड ने प्रदूषण को जकड़ लिया है। पिछले 11 दिनों से लगातार रात का पारा 9 डिग्री से नीचे बना हुआ है। इन्हीं 11 दिनों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) औसतन 200 से अधिक दर्ज किया गया है। यानी भोपाल की हवा खराब है, सांसें फूल रही हैं। खास यह भी है कि सीजन की तीन सबसे सर्द रातों में भी हवा सबसे खराब रही। सोमवार को शहर का न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया और एक्यूआई 257 तक पहुंच गया। इससे पहले, 17 नवंबर को पारा 5.2 डिग्री पर पहुंचा था, तब एक्यूआई 240 था। यानी तापमान गिरा है तो प्रदूषण बढ़ा है। एक्यूआई बढ़ने की एक बड़ी वजह कोहरा भी रहा। एमपीपीसीबी के रीजनल डायरेक्टर बृजेश शर्मा के अनुसार जैसे तापमान बढ़ेगा, वैसे ही हवा की गुणवत्ता में सुधार होगा। शेष | पेज 14 पर सोमवार को 6:30 बजे शहर में विजिबिलिटी घटकर 300 मीटर रह गई। दिलचस्प यह रहा कि उसी समय राजा भोज एयरपोर्ट के रनवे पर विजिबिलिटी 700 से 1300 मीटर के बीच थी। मौसम वैज्ञानिक वीरेंद्र सिंह यादव के अनुसार यह अंतर रेडिएशन फॉग के कारण रहा, जो जमीन के पास ज्यादा घना बनता है। सूरज की किरणें पड़ते ही कोहरा तेजी से छंटा और सुबह 8:30 बजे तक पूरा प्रदेश साफ हो गया। ठंडी-गर्म हवा में फंस जाते हैं प्रदूषक कण यह प्रदूषण बीमार कर सकता है… ठंड में लगातार प्रदूषण बीमार कर सकता है, इसलिए घर बंद रखें। एयर प्यूरीफायर और N95 मास्क का इस्तेमाल करें। धुंध में बाहर कम जाएं, पौष्टिक भोजन लें, गर्म तरल पीएं, और सांस की समस्या होने पर डॉक्टर को दिखाएं। गैस चैम्बर बनी दिल्ली… 228 उड़ानें रद्द, 250 से ज्यादा लेट दिल्ली-एनसीआर में सोमवार को जहरीले स्मॉग की परत छाई रही। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 498 तक पहुंच गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी का उच्चतम स्तर है। खराब हवा और घने कोहरे के कारण इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उड़ान संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लि. के अनुसार, 228 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, पांच को डायवर्ट किया गया। वहीं, 250 से अधिक उड़ानें देरी से संचालित हुईं। सुबह के वक्त धुंध ज्यादा होने के कारण कम दृश्यता प्रोटोकॉल लागू करना पड़ा। कई यात्रियों को टर्मिनल पर घंटों इंतजार करना पड़ा। कनेक्टिंग फ्लाइट के यात्रियों को ज्यादा परेशानी हुई।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *