अयोध्या धाम स्थित राम की पैड़ी के पावन तट पर छिंदवाड़ा के श्रीरामलीला मंडल की ओर से आयोजित तीन दिवसीय रामलीला महोत्सव का सोमवार को समापन हो गया। आखिरी दिन वीर रस और भक्ति से सराबोर रहा। कलाकारों ने रावण वध और श्रीराम राज्याभिषेक का भव्य मंचन किया। इस दौरान रामनगरी ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से गूंज उठी। महोत्सव के तीसरे दिन की शुरुआत विभीषण शरणागति प्रसंग से हुई। इसके बाद अंगद-रावण संवाद ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। लक्ष्मण शक्ति, हनुमान जी द्वारा संजीवनी लाना और लक्ष्मण के पुनर्जीवन का दृश्य बेहद मार्मिक रहा। इसके बाद कुंभकर्ण और मेघनाद वध जैसे युद्ध प्रसंगों का सजीव मंचन किया गया। कलाकारों के संवाद और प्रकाश व्यवस्था ने दर्शकों का दिल जीत लिया। रावण वध के साथ बुराई पर अच्छाई की जीत आयोजन का सबसे मुख्य आकर्षण भगवान श्रीराम द्वारा रावण वध का दृश्य रहा, जिसने अधर्म पर धर्म की जीत का संदेश दिया। अंत में श्रीराम के भव्य राज्याभिषेक के साथ तीन दिवसीय लीला का समापन हुआ। मुख्य निर्देशक वीरेंद्र शुक्ल ने कहा, “मंचन के जरिए सत्य, धर्म, त्याग और मर्यादा के आदर्शों को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया गया।” मंडल के लिए ऐतिहासिक पल कार्यक्रम में बिहार की पूर्व लोकसभा सांसद रमा देवी और उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग की सुश्री आरती दुबे समेत कई संत और श्रद्धालु मौजूद रहे। मंडल अध्यक्ष अरविंद राजपूत और सचिव राजेंद्र आचार्य ने इसे मंडल के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। संरक्षक कस्तूरचंद जैन और अन्य पदाधिकारियों ने अतिथियों का आभार जताया।


