महाकुंभ की शुरुआत के साथ पूर्णिमा का महत्व बढ़ा

भास्कर न्यूज | लुधियाना पौष पूर्णिमा सनातन धर्म में विशेष महत्व रखती है, लेकिन इस साल इसका महत्व कई गुना बढ़ गया है। 13 जनवरी, सोमवार को पड़ने वाली यह पूर्णिमा न केवल धार्मिक आस्था और व्रत-पूजन का अवसर है, बल्कि प्रयागराज में शुरू हो रहे महाकुंभ मेले की शुरुआत भी इसी दिन से हो रही है। लुधियाना से बड़ी संख्या में श्रद्धालु महाकुंभ में डुबकी लगाने रवाना हो रहे हैं। आर्थिक तंगी को दूर करने के लिए पौष पूर्णिमा की तिथि बेहद शुभ होती है। इस दिन माता लक्ष्मी की पूजा करने से माता लक्ष्मी बेहद प्रसन्न होती हैं। पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए और कनकधारा स्तोत्र या लक्ष्मी स्त्रोत का पाठ करना चाहिए। ऐसा करने से निश्चित रूप से आर्थिक तंगी दूर हो जाएगी। पंडितों के अनुसार, यह पूर्णिमा गृहों के संतुलन, समृद्धि और पापों से मुक्ति का दिन है। इस दिन स्नान, दान और पूजा-पाठ करने से विशेष लाभ होता है। श्री अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण मंदिर थरीके के संतों ने बताया कि इस पावन अवसर पर हर साल गेरुआ वस्त्रधारी संत मंडल भक्तों से दान प्राप्त करता है। भक्त इस दौरान दाल, चावल, कनक, घी और वस्त्र दान में देते हैं। राष्ट्रीय हिंदू मंच पंजाब के अध्यक्ष पवन शर्मा ने बताया कि महाकुंभ मेले का आयोजन 144 साल बाद प्रयागराज में हो रहा है। यह न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि संस्कृति और परंपरा का अनूठा संगम भी है। 26 फरवरी, महाशिवरात्रि तक चलने वाले इस मेले में लाखों श्रद्धालु डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित करेंगे। पौष पूर्णिमा के दिन दान-पुण्य और पूजा-पाठ करने से गृह दोष होंगे शांत प्रयागराज में 13 जनवरी से 45 दिन तक चलने वाला महाकुंभ मेला हिंदू धर्म की आस्था का सबसे बड़ा संगम है। पंडित कमल शर्मा ने बताया कि पौष पूर्णिमा पर गंगा स्नान करना बेहद शुभ माना जाता है। यदि कोई गंगा स्नान नहीं कर सकता, तो गंगाजल को पानी में मिलाकर स्नान करने से भी पुण्य मिलता है। पंडित सांवला नंद तिवारी ने कहा कि इस दिन दान-पुण्य और पूजा-पाठ करने से ग्रह दोष शांत होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। पूर्णिमा के दिन दान-पुण्य करना बहुत लाभकारी होता है। गुड़, आटा, चावल, तेल, चीनी, और वस्त्रों का दान करने से ग्रहों का प्रभाव संतुलित होता है। पक्षियों को दाना डालना और तुलसी के पास दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है। शिवलिंग पर जल और बेलपत्र चढ़ाने से कर्ज से मुक्ति और पापों से छुटकारा मिलता है। पौष पूर्णिमा पर यह जरूर करें .गंगा स्नान या गंगाजल से स्नान करें। .गुड़, चावल, वस्त्र और आटा दान करें। .पक्षियों को दाना डालें और तुलसी के पास दीपक जलाएं। शिवलिंग पर जल और बेलपत्र चढ़ाएं। .मंदिरों और घरों में विशेष हवन, पूजा-पाठ, और भजन-कीर्तन करें।

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