छतरपुर में नाबालिग बच्चियों से देह व्यापार कराने के मामले में अदालत ने संतोषी उर्फ बिमलेश तिवारी को 10 साल जेल और 30 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। मामला 2024 में महिला थाना छतरपुर में दर्ज हुआ था। कोर्ट ने एक साल के भीतर फैसला सुनाया। सुनवाई में यह सामने आया कि आरोपी ने नाबालिग बच्चियों को बहला-फुसलाकर देह व्यापार में धकेला। उन्हें बंधक बनाकर रखा गया। विरोध करने पर मारपीट और धमकी दी गई। अलग-अलग मामलों में अलग सजा कोर्ट ने बंधक बनाने के मामले में 2 साल की जेल, मारपीट के मामले में 1 साल की जेल और जुर्माना लगाया। नाबालिगों की खरीद-फरोख्त के मामले में 8 साल की जेल और 30 हजार रुपए जुर्माना सुनाया गया। धमकी देने के मामले में 2 साल की जेल और 1000 रुपए जुर्माना लगाया गया। देह व्यापार से जुड़े कानून में भी दोषी देह व्यापार से जुड़े कानून के तहत आरोपी को 5 साल और 10 साल की अलग-अलग सजाएं दी गईं। इसमें कुल 30 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया। सह-आरोपी को भी सजा इस केस में हरि सिंह राजपूत को भी दोषी पाया गया। उसे धमकी देने और देह व्यापार से कमाई करने के आरोप में 2-2 साल की जेल और 1000-1000 रुपए जुर्माने की सजा दी गई। मुख्य आरोपी का नाम पहले भी ऐसे मामलों में सामने आ चुका है।


