किसानों को समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। राजफैड ने पूरे प्रदेश में समर्थन मूल्य खरीद के दौरान आने वाली बायोमेट्रिक फिंगर स्कैन सत्यापन की समस्या को देखते हुए एक नई और सरल व्यवस्था लागू की है। फिंगर स्कैन से जुड़ी समस्या मुख्य रूप से 60 साल से अधिक आयु वाले किसानों को आ रही थी। उम्र संबंधी कारणों या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के चलते उनका फिंगर स्कैन अक्सर विफल हो जाता था। इस वजह से किसानों को खरीद केंद्रों तक बार-बार भागदौड़ करनी पड़ रही थी, जिससे समय और श्रम दोनों बर्बाद हो रहे थे। राजफैड की नई गाइडलाइन के तहत, किसानों को अब 100 रुपये के स्टाम्प पेपर के आधार पर सत्यापन की सुविधा प्रदान की गई है। इस नई प्रक्रिया के तहत, किसान को जनआधार कार्ड में दर्ज परिवार के किसी भी एक सदस्य को नॉमिनेट (मनोनीत) करने की अनुमति होगी। यह नामांकित सदस्य स्टाम्प पेपर के आधार पर खरीद प्रक्रिया के लिए किसान का सत्यापन करवा सकेगा। यह कदम विशेष रूप से वृद्ध किसानों के लिए एक बड़ी राहत है, जो फिंगर स्कैनिंग की तकनीकी जटिलताओं से जूझ रहे थे। इससे उनकी उपज की बिक्री अब अधिक सुचारू रूप से और बिना किसी अनावश्यक परेशानी के हो सकेगी। समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए झुंझुनूं में 19 केंद्र बनाए गए हैं, जहां किसानों से उपज खरीदने से पहले उनका सत्यापन किया जाता था। नई स्टाम्प-आधारित सत्यापन प्रणाली इन सभी केंद्रों पर लागू होगी, जिससे खरीद प्रक्रिया में तेजी आएगी।


