नीमच के नई बावल गांव निवासी एक महिला ने शनिवार को खाप पंचायत के फैसले से परेशान होकर जहर खा लिया। महिला को गंभीर हालत में नीमच जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। महिला के दूसरे पति प्रवीण रेगर का आरोप है कि समाज की झगड़ा प्रथा के चलते 6 दिसंबर को भादवा माता स्थित समाज की सराय में पंचायत बुलाई गई थी। इस पंचायत में उन्हें 9 लाख 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया और 14 साल के लिए समाज से बाहर करने का फैसला सुनाया गया। पंचायत करीब दो घंटे तक चली। इसके बाद समाज के लोग उन्हें ताना भी मारने लगे थे। इससे परेशान होकर उसकी पत्नी ने सुसाइड करने की कोशिश की। दैनिक भास्कर की टीम ने नई बावल गांव जाकर दोनों पक्षों से बात की। पढ़िए यह रिपोर्ट… बता दें कि, गांव की 25 वर्षीय महिला ने समाज के तानों और दूसरी शादी को लेकर बनाए गए दबाव से परेशान होकर जहर खा लिया था। मामला जावद थाना क्षेत्र का है। स्थानीय लोगों ने बताया कि महिला ने तीन महीने पहले प्रवीण नाम के शख्स से दूसरी शादी की थी। इससे पहले उसकी शादी करीब सात साल पहले रामपुरा में हुई थी। महिला ने आरोप लगाया कि पहला पति उससे मारपीट करता था। इससे परेशान होकर वह रक्षाबंधन पर्व पर मायके आ गई। लेकिन, माता-पिता ने भी उसे साथ रखने से मना कर दिया। इसके बाद महिला प्रवीण नामक युवक से मिली और दोनों ने शादी कर ली। 6 दिसंबर को पंचायत, 14 साल के लिए निकाला
महिला के वर्तमान पति प्रवीण जिला अस्पताल में ही है। दैनिक भास्कर से बात करते हुए उसने आरोप लगाया कि दूसरी शादी से नाराज समाज के लोगों ने 6 दिसंबर को पंचायत बुलाई। इसमें समाज के अध्यक्ष कारूलाल रैगर, उपाध्यक्ष मोहनलाल रैगर सहित अन्य पदाधिकारियों ने पति-पत्नी पर 9 लाख 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया और 14 साल के लिए समाज से बाहर करने का फैसला सुनाया। पंचायत में करीब 500 लोग मौजूद थे। इतना बड़ा दंड देना मेरी हैसियत से बाहर
प्रवीण रेगर ने दैनिक भास्कर को बताया कि वह फोटोग्राफी का काम करता है। इतनी बड़ी राशि भरने में सक्षम नहीं है। समाज में इससे पहले भी झगड़ा प्रथा के तहत दंड लगाए गए हैं, लेकिन अधिकतम राशि तीन लाख रुपए तक ही रही है। पहली बार उन पर 9.50 लाख रुपए का दंड लगाया गया है, जिससे वे मानसिक रूप से टूट गए है। ऐसी कुप्रथाएं समाज में वर्षों से चली आ रही हैं, जिन पर रोक लगना जरूरी है। प्रवीण रेगर की भी दूसरी शादी
जानकारी के अनुसार, लक्ष्मी रेगर की यह दूसरी शादी है। उसके वर्तमान पति प्रवीण रेगर की पहली पत्नी भी पहले समाज के एक युवक के साथ चली गई थी। उस समय भी खाप पंचायत हुई थी और प्रवीण रेगर को करीब तीन लाख रुपए मिले थे। मामले का दूसरा पहलू जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम नई बावल गांव पहुंची। मामले पर महिला के पहले पति और समाज के पदाधिकारियों से भी बात की। पहला पति बोला- बिना तलाक दिए दूसरी शादी की
रामपुरा निवासी महिला के पहले पति कमलेश जैनवार ने बताया कि लक्ष्मी से उसकी शादी 2017 में आटा-साटा प्रथा के तहत हुई थी। दोनों के दो छोटे बच्चे हैं, जिनमें एक तीन साल की बेटी और डेढ़ साल का बेटा है। कमलेश का आरोप है कि लक्ष्मी दूध पीते बच्चे को छोड़कर प्रवीण रेगर के साथ चली गई। कमलेश का कहना है कि लक्ष्मी ने उस पर मारपीट के झूठे आरोप लगाए और अगस्त में महिला थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी। उस समय प्रवीण रेगर भी उसके साथ मौजूद था। समाज अध्यक्ष ने आरोपों को बताया झूठा
रेगर समाज के अध्यक्ष कारूलाल रेगर ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि समाज ने न तो किसी पर जुर्माना लगाया है और न ही किसी को समाज से बाहर किया गया है। उनके अनुसार, कमलेश की शिकायत पर 6 दिसंबर को दोनों पक्षों को समझाने के लिए पंचायत बुलाई गई थी, लेकिन प्रवीण रेगर बिना अपनी बात रखे ही बैठक छोड़कर चला गया। उन्होंने बताया कि किलेश्वर मंदिर में समाज की बैठक आयोजित की गई है, जिसमें बच्चों को न्याय दिलाने और समाज पर लगाए जा रहे झूठे आरोपों का खंडन किया गया। सदस्य बोले- बच्चों के पालन-पोषण पर चर्चा हो रही थी
पंचायत में शामिल बाबूलाल रेगर ने बताया कि रेगर समाज की भादवा माता जीवनी समिति वर्षों से समाज हित में काम कर रही है। कमलेश जैनवार के आवेदन पर 6 दिसंबर को दोनों पक्षों को बुलाया गया था। ग्रामीण बोले– वर्षों से चल रही झगड़ा प्रथा
नाम न छापने की शर्त पर ग्रामीणों ने बताया कि समाज में झगड़ा प्रथा लंबे समय से चली आ रही है। हमेशा इसी तरह खाप पंचायत बुलाकर समाज के विवादों का निपटारा किया जाता है। दूसरे समाज में शादी करने पर भी जुर्माना लगाया जाता है। भादवा माता में हुई पंचायत रात भर चली थी और वहीं यह फैसला सुनाया गया था। तहसीलदार बोले- महिला के बयान लिए
नीमच के तहसीलदार संजय मालवीय ने बताया कि जिला अस्पताल में महिला के बयान लिए गए हैं। वह शादीशुदा है। उसने घर पर ही सल्फास खाया था। महिला का कहना है कि 6 दिसंबर की पंचायत में उसकी सुनी नहीं गई, बल्कि 9.50 लाख रुपए जुर्माना लगाया दिया। इसके अलावा 14 साल के लिए समाज से बहिष्कृत कर दिया गया। घटना की पूरी टाइमलाइन अब जानिए क्या होती है नातरा झगड़ा प्रथा मध्यप्रदेश में बेटियों का सौदा करने वाली एक कुप्रथा जारी है। ये वो प्रथा है, जिसमें भरी पंचायत में महिला की बोली लगाई जाती है। इसमें किसी शादीशुदा महिला के पहले पति को छोड़कर किसी अन्य शख्स से शादी करने पर उसके पहले पति को मुआवजा दिया जाता है। पंचायत और अन्य पक्ष बैठकर यह तय करते हैं कि पत्नी को छोड़ने के बदले पहले पति को कितना मुआवजा मिलेगा। दूसरी शादी को नातरा कहा जाता है। वहीं पहले पति को मिलने वाली रकम को झगड़ा प्रथा कहा जाता है। खास बात ये सब खुलेआम होता है। क्या कहता है कानून


