कटनी के बरही थाना क्षेत्र के बिचपुरा गांव में एक रिहायशी मकान में लगभग 5 फीट लंबा रसल वाइपर सांप मिलने से हड़कंप मच गया। सर्प मित्र हैरिसन हैंडरी ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद सांप को सुरक्षित रेस्क्यू कर वन क्षेत्र में छोड़ दिया। यह घटना बिचपुरा निवासी गेंदराज साहू के आवास पर हुई। आज सुबह घर के सदस्यों ने सांप को देखा तो दहशत में आ गए। सांप की बनावट और फुफकारने के तरीके से उन्हें यह समझते देर नहीं लगी कि यह एक अत्यंत जहरीला सांप है। सांप की मौजूदगी से पूरे घर और आसपास के क्षेत्र में भय का माहौल बन गया। घर के लोगों ने तुरंत स्थानीय सर्प मित्र हैरिसन हैंडरी उर्फ बबलू को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही सर्प मित्र हैरिसन हैंडरी अपने उपकरणों के साथ बिचपुरा पहुंचे। सांप घर के एक कोने में छिपा हुआ था। हैरिसन ने अपनी जान की परवाह किए बिना, अत्यंत सावधानी और पेशेवर तरीके से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद, सर्प मित्र ने सांप को सुरक्षित पकड़ लिया और उसे एक विशेष कंटेनर में बंद कर दिया। इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद घर के सदस्यों और पड़ोसियों ने राहत की सांस ली और सर्प मित्र का आभार व्यक्त किया। पकड़े गए सांप के संबंध में सर्प मित्र हैरिसन हैंडरी ने बताया कि यह रसल वाइपर है, जिसे स्थानीय रूप से ‘दुबोई’ के नाम से भी जाना जाता है। हैरिसन ने जानकारी दी कि रसल वाइपर भारत में ‘बिग फोर’ कहे जाने वाले सबसे विषैले सांपों की श्रेणी में आता है। इसका जहर हेमोटॉक्सिन प्रकृति का होता है, जो मानव शरीर की रक्त कोशिकाओं और ऊतकों को तेजी से नष्ट करता है। इसके काटने पर समय पर इलाज न मिलने पर व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार हो सकता है, शरीर में गंभीर घाव हो सकते हैं और उसकी मृत्यु भी हो सकती है।


