शिवपुरी जिला पंचायत में आंगनबाड़ी चयन पर सुनवाई:सहायिका ममता रावत की आपत्ति नहीं सुनी गई; रात तक कार्यालय में बैठी रहीं

शिवपुरी जिला पंचायत कार्यालय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका पद पर चयनित अभ्यर्थियों की आपत्तियों की सुनवाई के दौरान नरवर ब्लॉक की ममता रावत की सुनवाई नहीं हो सकी। वह देर रात तक कार्यालय में अकेली बैठी रहीं, ताकि उनकी उपस्थिति दर्ज हो सके। ममता रावत ने बताया कि उन्हें 15 दिसंबर की सुबह करीब पौने नौ बजे सुनवाई की सूचना मिली थी। इतनी कम सूचना के बावजूद वह सुबह 11 बजे शिवपुरी पहुंच गईं। दोपहर लगभग एक बजे जिला पंचायत अध्यक्ष नेहा यादव के आने के बाद सुनवाई शुरू हुई। नरवर ब्लॉक की सभी सुनवाइयां पूरी होने के बाद जब करैरा ब्लॉक का क्रम आया, तब ममता ने स्वयं अध्यक्ष को अपनी उपस्थिति और सुनवाई के लिए बुलाए जाने की जानकारी दी। लेकिन उनकी आपत्ति पर विचार नहीं किया गया। जांच रिपोर्ट नहीं आने का हवाला देकर सुनवाई टाली गई ममता के अनुसार, उन्हें बताया गया कि उनकी जांच रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है, इसलिए सुनवाई अगली तारीख पर की जाएगी। जब उन्होंने अगली तारीख लिखित में देने और अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का आग्रह किया, तो न तो कोई लिखित तारीख दी गई और न ही कोई हस्ताक्षर करवाए गए। इस स्थिति से ममता को आशंका है कि कहीं उन्हें सुनवाई में अनुपस्थित न दर्शा दिया जाए। इसी चिंता के कारण वह देर शाम और रात तक कार्यालय में बैठी रहीं, ताकि उनकी उपस्थिति का प्रमाण रह सके। देर रात उन्हें गांव लौटने के लिए कोई साधन भी उपलब्ध नहीं था, जिससे परेशानी और बढ़ गई। अध्यक्ष बोलीं- 80 मामलों की सुनवाई थी, बाकी अगली तारीख पर बुलाएंगे जिला पंचायत अध्यक्ष नेहा यादव ने बताया कि सोमवार को लगभग 80 अभ्यर्थियों की आपत्तियों का निराकरण किया जाना था और अधिकांश मामलों में निर्णय ले लिया गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी विशेष प्रकरण की तुरंत जानकारी नहीं है, लेकिन यदि किसी अभ्यर्थी का मामला शेष है तो उसे अगली तारीख पर बुलाया जाएगा। अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया एक समिति के माध्यम से होती है और किसी के साथ कोई धोखाधड़ी नहीं होगी।

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