महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति:महाकाल व कॉरिडोर को बनाएंगे वूमन फ्रेंडली, 1100 महिला कर्मचारियों को देंगे ट्रेनिंग

महाकाल मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए अकेली आ रही हैं तो यह खबर आपके काम की है। मंदिर परिसर और कॉरिडोर को वूमन फ्रेंडली बनाया जाएगा। इसके लिए मंदिर की 1100 महिला कर्मचारियों को बारी-बारी से 15 दिन तक रोज एक घंटे ट्रेनिंग दी जाएगी। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति, मप्र पर्यटन बोर्ड, सेंटर फॉर एडवांस्ड रिसर्च एंड डेवलपमेंट 17 दिसंबर से इसकी शुरुआत करेंगे। पहली बैच में मंदिर की 38 कर्मचारियों को ट्रेनिंग से जोड़ा जाएगा। उप प्रशासक सिम्मी यादव को इसकी नोडल अफसर बनाया है। वे ट्रेनिंग के बाद महिला दर्शनार्थियों का फीडबैक भी लेंगी। मंदिर परिसर को महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना अंतर्गत ट्रेनिंग दी जाएगी। मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड भोपाल की डॉ. रंजना मिश्रा ने बताया कि श्री महाकालेश्वर मंदिर में कार्यरत महिला कर्मचारियों को उज्जैन में महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन स्थल के तहत महिला अनुकूल संवेदनशील कॉरिडोर बनाने पर ट्रेनिंग दी जाएगी। इसमें उन्हें सिखाएंगे कि अकेली महिला के दर्शन-पूजन के लिए आने पर उन्हें किस प्रकार का सहयोग दें। ऐसी महिलाएं तो ब्रेस्ट फीडिंग करवाती हैं, उन्हें कैसे मदद की जा सके। बुजुर्ग महिलाएं जिन्हें पैदल चलने में परेशानी आती है, उन्हें दर्शन के साथ प्रसाद लेने में भी गुड फील हो, इस तरह का वातावरण बनाया जाएगा। खुद महसूस किया, महिलाओं से अच्छा व्यवहार नहीं होता महिलाओं के लिए ट्रेनिंग का मसौदा लेकर आई मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड भोपाल की डॉ. रंजना मिश्रा ने कहा कि उन्होंने खुद महसूस किया कि परिसर में महिलाओं के साथ किस प्रकार का व्यवहार किया जाता है। वे जब प्रसाद लेने गई तो कई लोगों ने आवाज देकर बुलाया कि पांच रुपए में प्रसाद। जब वे प्रसाद लेने आगे बढ़ी तो उन्हें कहा गया कि यह तो 80 रुपए की है। उन्होंने पूछा कि आप तो इसे पांच रुपए की बता रहे थे। जवाब मिला कि यहां तो इसी रेट में मिलेगा। पांच में मिले तो आप कहीं और से ले लीजिए। डॉ. मिश्रा ने कहा कि इसी व्यवहार को सुधारने की जरूरत है। शुरुआत मंदिर की महिला कर्मचारियों से करेंगे। बाद में पुरुष कर्मचारियों को भी सिखाएंगे। पहली बैच में 38 महिला कर्मचारियों को देंगे ट्रेनिंग
मंदिर में आने वाली हर महिला भक्त को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के साथ उन्हें दर्शन, पर्यटन में मदद करने के लिए महिला कर्मचारियों को 15 दिन तक ट्रेनिंग दी जाएगी। इसकी शुरुआत 17 दिसंबर से करेंगे। पहली बैच में 38 महिलाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी। -सिम्मी यादव, डिप्टी कलेक्टर व सहायक प्रशासक महाकाल मंदिर

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