गुना अंचल में दिसंबर की बर्फीली हवाओं ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। पिछले कुछ दिनों से चल रही उत्तर-पूर्वी हवाओं के कारण कड़ाके की ठंड ने दस्तक दे दी है। मंगलवार को न्यूनतम तापमान गिरकर 9.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अब रातों के साथ-साथ सुबह और शाम के समय भी तेज ठंड महसूस की जा रही है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार सुबह नमी (आर्द्रता) का स्तर 90 प्रतिशत तक पहुंच गया। ज्यादा नमी और गिरते तापमान के कारण तड़के सुबह जिले के कई हिस्सों में कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी काफी कम हो गई। हाईवे पर वाहन चालकों को दिन में भी लाइट जलाकर सफर करना पड़ा। हालांकि, दिन में खिली धूप ने लोगों को थोड़ी राहत जरूर दी। शाम होते ही सड़कों पर सन्नाटा, अलाव का सहारा सोमवार को अधिकतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस रहा, लेकिन शाम 5 बजते ही बर्फीली हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी। सूरज ढलते ही सर्दी की चुभन इतनी तेज हो जाती है कि लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आ रहे हैं। बाजारों में शाम होते ही सन्नाटा पसरने लगा है और लोग जगह-जगह अलाव जलाकर सर्दी से बचने का जतन कर रहे हैं। अभी और गिरेगा पारा, बच्चों-बुजुर्गों को सलाह मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले एक सप्ताह में पारे में और भी गिरावट हो सकती है, जिससे शीतलहर जैसे हालात बन सकते हैं। अचानक बढ़ी ठंड को देखते हुए डॉक्टरों ने बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। सुबह और देर रात की ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनने और खान-पान में गर्म चीजों का सेवन करने की अपील की गई है।


