लर्निंग लाइसेंस की वैधता खत्म होने से बढ़ी आवेदकों की चिंता, देने पड़ सकते हैं दोबारा पैसे

भास्कर न्यूज| लुधियाना पंजाब भर में ट्रांसपोर्ट विभाग द्वारा स्मार्ट चिप कंपनी का ठेका बदलने के बाद ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर कामकाज ठप हो गया है। लुधियाना में 16 दिनों बाद सिविल लाइन और चंडीगढ़ रोड के टेस्ट ट्रैक पर काम शुरू तो हुआ, लेकिन पक्के लाइसेंस बनाने का काम अब भी बंद है। वहीं, लर्निंग, डुप्लीकेट, रिन्यूवल, डीएल एक्सट्रैक्ट और इंटरनेशनल लाइसेंस से जुड़े कार्य चालू कर दिए गए हैं। सिविल लाइन ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर पहले दिन 200 और चंडीगढ़ रोड टेस्ट ट्रैक पर 50 आवेदकों के लर्निंग लाइसेंस संबंधी काम किए गए। हालांकि, पक्का लाइसेंस बनवाने आए आवेदकों को बिना काम करवाए लौटना पड़ा। आवेदकों ने पहले ही शुल्क जमा कर रखा है, लेकिन ट्रैक पर काम बंद होने के कारण उन्हें असुविधा झेलनी पड़ रही है। लाइसेंस बनवाने आई अंजली ने बताया कि उसने 3 जनवरी को पक्के लाइसेंस के लिए अपॉइंटमेंट लिया था। ट्रैक बंद होने के कारण काम नहीं हुआ। वीरवार की तारीख मिलने पर भी पक्का लाइसेंस नहीं बन पाया। उसकी लर्निंग लाइसेंस की वैधता 15 जनवरी को समाप्त हो रही है, जिससे उसे दोबारा फीस जमा करनी पड़ेगी। लखविंदर सिंह ने कहा कि दिसंबर में पक्का लाइसेंस बनवाने की अपॉइंटमेंट ली थी, लेकिन ट्रैक बंद होने से काम नहीं हुआ। अब दो बार अपॉइंटमेंट लेने के बावजूद समस्या बरकरार है। उनका लर्निंग लाइसेंस 13 जनवरी को समाप्त हो जाएगा। विभाग की लापरवाही के कारण लोगों को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने विभाग से अपील की है कि कार्यप्रणाली में सुधार कर समय पर सेवाएं सुनिश्चित की जाएं। आवेदकों का कहना है कि ट्रैक बंद रहने की जिम्मेदारी विभाग की है और इसका नुकसान आवेदकों को नहीं उठाना चाहिए। ^लोगों की परेशानी को देखते हुए ट्रैक शुरू कर दिया गया है। इसमें फोटो संबंधी काम किए जा रहे है। जबकि पक्के लाइसेंस के टेस्ट शुरू नहीं किए गए है। जिसका कारण आईडी का न बनना है। आईडी जल्द बनाने संबंधी एसटीसी ऑफिस को मेल कर बार-बार कहा जा रहा है। अभिषेक बासंल, सहायक ट्रांसपोर्ट अफसर

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