हरदा जिले के सरकारी हॉस्टल्स में छात्रों की सुरक्षा राम भरोसे है। हाल ही में मोरगढ़ी हॉस्टल में बाहरी छात्रों द्वारा मारपीट की घटना के बाद विभाग ने अधीक्षकों को रात में हॉस्टल में ही रहने और सीसीटीवी चालू रखने के सख्त निर्देश दिए थे। लेकिन दैनिक भास्कर डिजिटल की पड़ताल में हकीकत कुछ और ही निकली। टीम ने जब शासकीय पोस्ट मैट्रिक एससी बालक छात्रावास और ब्लॉक शासकीय उत्कृष्ट छात्रावास का जायजा लिया, तो दोनों जगह अधीक्षक गायब मिले। उनके कमरों पर ताले लटके थे। सुरक्षा के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरे या तो बंद पड़े थे या गायब थे। यानी अधिकारियों के निर्देशों का यहां कोई असर नहीं है। फोन लगाया तो बोले- भोपाल में हूं; दूसरे ने कहा- कपड़े दिलाने आया हूं जब पोस्ट मैट्रिक हॉस्टल के अधीक्षक गौतम अहिरवार को फोन लगाया गया, तो उन्होंने बहाना बनाया कि वे बच्चों को कपड़े दिलाने गए हैं। वहीं, उत्कृष्ट हॉस्टल के अधीक्षक जी.डी. दुधे ने बताया कि वे भोपाल में हैं। यानी जिम्मेदार अधिकारी नदारद थे और छात्र अकेले। रसोइया लगाता है गेट का ताला, बोलने पर प्रताड़ना का डर छात्रों ने दबी जुबां में बताया कि साहब कभी-कभार ही आते हैं। रात में वे अपने घर चले जाते हैं और हॉस्टल का मेन गेट रसोइया बंद करता है। छात्रों का कहना है कि अगर वे अव्यवस्थाओं के खिलाफ आवाज उठाते हैं, तो उन्हें प्रताड़ित किया जाता है। इसी डर से वे मीडिया के सामने भी खुलकर बोलने से कतराते हैं।


