कोटा में टीपर समय पर गली मोहल्ले में जा रहे हैं या नहीं, निर्धारित चक्कर लगा रहे हैं या नहीं इन सबकी मॉनिटरिंग नगर निगम में कर्मचारी बैठे बैठे करेंगे। अगर कहीं कोई लापरवाही सामने आती है तो तुरंत उसे पकड़ा जा सकेगा। कोटा निगम में कंट्रोल रूम तैयार किया जा रहा है। जिसका लगभग काम पूरा हो चुका है। जिस कॉलोनी या गली में टिपर नहीं जाएगा, वह हिस्सा रेड जोन के रूप में नजर आएगा। शहर के हर घर का भी रिकॉर्ड अब निगम के पास रहेगा। नगर निगम के कंट्रोल सेंटर में निगम की ओर से विशेष सॉफ्टवेयर स्थापित किया जा रहा है। इस सॉफ्टवेयर में नगर निगम क्षेत्र की वार्ड वाइज हर गली का डिजिटल मैप फीड किया जा रहा है। शहर के हर टिपर, ट्रैक्टर और क्रेन में जीपीएस सिस्टम लगाया जा रहा है, जो निगम के सॉफ्टवेयर से कनेक्ट होगा। पूरे शहर के हर वार्ड के लिए गली वाइज टिपर्स कर रूट तय किया जा रहा है। निर्धारित रूट पर जगह-जगह क्यूआर कोड लगाए जा रहे हैं। अब टीपर चालक को गली में कचरा संग्रहण करने के साथ ही क्यूआर कोड को स्कैन करना होगा। इस तरह से पूरा रूट निगम की स्क्रीन पर आ जाएगा। ऐप से लोग कर सकेंगे शिकायत
निगम की तरफ से ऐप भी तैयार किया जा रहा है। जो कि शहरवासी डाउनलोड कर सकेंगे। यूजर को एक यूनिक आईडी मिलेगी तो कि घर की आईडी मानी जाएगी। इस पर लोग कचरा संबधित शिकायत दर्ज कर सकेंगे। शिकायत मिलते ही कंट्रोल रूम से ऑपरेटर टीपर चालक और सफाईकर्मियों को जानकारी देंगे जिसके बाद कुछ ही समय में शिकायत का समाधान हो जाएगा। पूरे रूट का कचरा संग्रहित होने के बाद ही टीम का राउंड पूरा होगा। इसी प्रकार ट्रैक्टर और क्रेन में भी जीपीएस लगाए गए है। सॉफ्टवेयर में अभी दक्षिण क्षेत्र को सेक्टर्स को वार्डवाइज अपडेट किया जा रहा है। इसके तहत टिपर, ट्रैक्टर्स और केन पर जीपीएस लगाए जा रहे है। एक ही नंबर पर शिकायत
इसी कंट्रोल रूम पर कॉल करके लोग एक ही नंबर पर निगम से जुडे अलग अलग विभागों को लेकर शिकायत भी दर्ज करवा सकेंगे। नए साल में यह सुविधा शुरू की जा रही है। इसमें अब अलग अलग डिपार्टमेंट में जाने या उनके नंबर तलाशने के लिए लोगों को परेशान नहीं होना पडे़गा। एक ही कॉल पर किसी भी विभाग की समस्या को अवगत करवाया जा सकेगा।


