राज्य के सरकारी अस्पतालों में 7674 नर्सिंग अधिकारियों की नियुक्ति के आदेश गुरुवार को जारी कर दिए गए हैं। इनमें से बीकानेर जिले में करीब 538 नर्सिंग अधिकारियों को पोस्टिंग दी गई है। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण निदेशालय ने राज हेल्थ पोर्टल पर नव नियुक्त नर्सिंग अधिकारियों (जीएनएम) की सूची गुरुवार शाम को अपलोड कर दी। कुल 8750 पदों में से 7674 पदों पर नियुक्तियां दी गई हैं। बीकानेर जिले में नर्सिंग अधिकारियों के रिक्त 811 पदों में से 538 पद भर जाएंगे। 273 पद फिर भी खाली रहेंगे। सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज में 119 और पीबीएम हॉस्पिटल में 126 नर्सिंग अधिकारियों की पोस्टिंग की गई है। शेष 303 जिला अस्पताल, रेफरल, पीएचसी और सीएचसी पर लगाए गए हैं। इन सभी को 24 जनवरी तक राज हेल्थ पोर्टल पर ऑन लाइन तथा नियंत्रण अधिकारी के समक्ष लिखित में कार्यग्रहण करना होगा। वर्ना नियुक्ति और पदस्थापन निरस्त माने जाएंगे। नव नियुक्त नर्सिंग अधिकारियों को दो साल प्रोबेशन काल में रहना होगा। उन्हें प्रतिमाह 26500 रुपए वेतन मिलेगा। गौरतलब है कि नव नियुक्त होने वाले अधिकांश नर्सिंग अधिकारी पहले से ही अर्जेंट टेम्प्रेरी बेस पर कार्य कर रहे थे। तीन साल अनुभव के बोनस अंकों के आधार पर उनका चयन नर्सिंग अधिकारी के पद पर स्थायी रूप से हुआ है। 2022 में 435 यूटीबी लगाए, अब हटेंगे जिले में 2022 में 435 नर्सिंग अधिकारी अर्जेंट टेम्प्रेरी बेस पर लगाए गए थे। इनमें से 410 मेडिकल कॉलेज और पीबीएम हॉस्पिटल को मिले। शेष 25 सीएमएचओ के अधीन चले गए। अब नई भर्ती होने पर कॉलेज और पीबीएम में 235 पद भर जाएंगे। लेकिन यूटीबी को हटा दिया जाएगा। इन पदों पर करीब सौ यूटीबी का भी चयन हुआ है। ये कोरोना काल में सीएचए लगे हुए थे, जिन्हें बाद में हटा दिया तो यूटीबी में चयनित हुए। उनका पुराना अनुभव काम आ गया। गौरतलब है कि 2020 तक कॉलेज और पीबीएम में 526 यूटीबी लगाए गए थे। इनमें से लगभग सभी नियमित नियुक्ति पा चुके हैं। कुछ अपने जिलों में चले गए। पांच-सात ऐसे हैं, जो मेरिट में नीचे होने के कारण अब तक नियमित नहीं हो पाए। उनकी उम्र भी 50 पार हो चुकी है। एक नर्सिंग अधिकारी का पुत्र पीबीएम में ही रेडियोग्राफर लग चुका है, जबकि पिता अब तक यूटीबी ही है। यूटीबी नर्सेज की टोकन हड़ताल शुरू मेडिकल कॉलेज और पीबीएम हॉस्पिटल में नर्सिंग अधिकारियों के नए पदों के सृजन की मांग को लेकर यूटीबी नर्सेज की टोकन हड़ताल गुरुवार से शुरू हो गई। नर्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र गोदारा के नेतृत्व में यूटीबी ने सुबह 10 से 12 बजे तक दो घंटे मेडिकल कॉलेज में प्रदर्शन किया। इस दौरान हॉस्पिटल में मरीजों की केयर काम नियमित नर्सिंग अधिकारियों या रेजिडेंट डॉक्टरों को संभालना पड़ा। गोदारा का कहना है कि पीबीएम हॉस्पिटल में चार हजार बेड की क्षमता के अनुसार नर्सिंग अधिकारियों के नए पद सृजित करने के लिए प्रस्ताव सरकार को भेजे जा चुके हैं। इसे लेकर अब जल्दी ही चिकित्सा मंत्री से मुलाकात की जाएगी। नौकरी जाने को लेकर यूटीबी उदास और निराश हैं। यूटीबी लगने के बाद कुछ की शादियां हो गईं। कुछ ने बैंक से लोन लेकर घर बनवाया तो किसी ने गाड़ी खरीद ली। हटने के बाद पेट पालने से लेकर उनकी किश्तें भरने का संकट खड़ा जाएगा। “नर्सिंग अधिकारियों के पदस्थापन आदेश जारी हो गए हैं। जिले को 500 से अधिक नर्सिंग अधिकारी मिले हैं। जैसे-जैसे जॉइन करेंगे उनकी स्थिति साफ हो जाएगी” -डॉ. राजेश कुमार गुप्ता, सीएमएचओ “पीबीएम में कार्यरत कितने यूटीबी हटाए जाएं इसके लिए सरकार से मार्गदर्शन लिया जाएगा। क्योंकि हॉस्पिटल में नई नियुक्ति होने के बाद भी पद खाली रहेंगे।”
-डॉ. प्रमोद सैनी, अधीक्षक, पीबीएम हॉस्पिटल


