भास्कर संवाददाता | बाड़मेर राजकीय महाविद्यालय बाड़मेर में एनएसएस के सप्त दिवसीय शिविर में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के विविध पक्षों युवा महोत्सव, श्रमदान, प्लास्टिक कचरा संग्रहण, योग एवं आयुर्वेद, खेल आदि को समेटे हुए शिविर का समापन गुरुवार को हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना व द्वीप प्रज्वलन से हुआ। माल्यार्पण, साफा व शॉल से अतिथियों का अभिनंदन किया गया। इसी कड़ी में स्वयं सेवकों की ओर से स्वागत गीत, समूह गान, नृत्य, रैम्प वॉक आदि अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रमों से मनमोहक प्रस्तुतियां दी गई। समापन समारोह पर मुख्य अतिथि के रूप राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विभाग संचालक मनोहर जी बंसल रहे। वहीं विशिष्ठ अतिथि राजकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय के सेवानिवृत प्राचार्य रामकुमार जोशी रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. उम्मेदसिंह ने की। मुख्य अतिथि मनोहर बंसल ने कहा कि यह पृथ्वी हमारी माता है। हम सभी इसके पुत्र है। इस भारत माता का हम पर ऋण है। हम सभी राष्ट्र सेवा के कार्यो में संलग्न होकर इस ऋण से उऋण होने का प्रयास करें। उन्होंने छात्रों के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना को कर्तव्य निर्वहन का एक उचित माध्यम बताया। वर्ष पर्यन्त विविध गतिविधियों में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले स्वयं सेवकों को पुरस्कृत किया। राम कुमार जोशी ने शिक्षापरक प्रेरणादायक कविताओं से स्वयं सेवकों को उद्बोधित किया कि ज्ञान से बड़ी कोई ताकत नहीं है। उन्होंने अनेक ज्वलंत स्थानीय उदाहरण देते हुए कहा कि परिश्रम ही सौभाग्य की जननी है। हमें परिश्रम से बचने का प्रयास नहीं करना चाहिए। उन्होंने विविध गतिविधियों में द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले स्वयं सेवकों को सम्मानित किया। महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. डॉ. उम्मेदसिंह ने कहा कि एनएसएस की ओर से इन सात दिनों में विद्यार्थियों की शारीरिक एवं मानसिक गतिविधियों से उनकी प्रतिभा को निखारने का जो प्रयास किया वह वास्तव में प्रशंसनीय है। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गणेश कुमार चौधरी एवं डॉ. वीरसिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा का निर्माण किया। डॉ. मुकेश जैन ने कार्यक्रम का संचालन किया। प्रो. डॉ. सोहनराज परमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर डॉ. नवल किशोर, डॉ. कानराज पूनिया, डॉ. संतोष कुमार गढ़वीर, डॉ. बी.एल. सोनी, प्रवीण कुमार चंदेल, डॉ. चन्द्रप्रकाश घारू, दिलीप कुमार, डॉ. बाबूलाल धनदे, शीश राम, पुरूषोत्तम परिहार, डॉ. खगेन्द्र कुमार, अरविंद खत्री, भास्कर गोविंद मैत्रेय, डॉ. राजीव चौहान, चिरंजीदास, भूराराम, गोरधनसिंह, जेठाराम, दिनेश राजपुरोहित मौजूद रहे।


