केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पीथमपुर में देश की पहली हाइड्रोजन-सीएनजी बाजा व्हीकल का अनावरण किया। इससे पहले कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि हम लगातार इथेनॉल, बायोडीजल, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहन के उपयोग को बढ़ावा देने का काम कर रहे हैं। आने वाले दिनों में हमारे देश का किसान हमारा ईंधन दाता बनेगा। मेरे पास इनोवा कार है, जो इथेनॉल और बिजली से चल रही है। यह जीरो प्रतिशत प्रदूषण करती है। भारत की सभी बड़ी कंपनियां भविष्य को ध्यान में रखते हुए पेट्रोल डीजल के अलावा अन्य पर लगातार काम कर रही हैं। सीएनजी से चलने वाली बाइक बाजार में उपलब्ध हैं, जो एक रुपए प्रति किलोमीटर में चल रही है। हम वायु प्रदूषण को कम करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। महेंद्रा एंड महेंद्रा ने अभी ट्रैक्टर भी बाजार में उतारा है, जो सीएनजी से चल रहा है। गडकरी ने कहा कि पिछले 5 साल में चार करोड़ 50 लाख नौकरियां ऑटो इंडस्ट्री में मिल रही हैं। भारत में महेंद्रा एंड महेंद्रा ऑटो इंडस्ट्री में पहले नंबर पर चल रही है। पीथमपुर से लौटकर गडकरी ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में चल रही नेशनल हाईवे परियोजनाओं की समीक्षा की। इस बैठक में इंदौर और आसपास के प्रोजेक्ट इम्प्लिमेंटेशन यूनिट के परियोजना निदेशक भी शामिल हुए। पहली हाइड्रोन-सीएनजी बाहा बगी का अनावरण भारत की पहली हाइड्रोजन-सीएनजी बाहा बगी का अनावरण हुआ। यह वाहन वोल्वो आयशर द्वारा व्यवस्थित 5% हाइड्रोजन और सीएनजी के मिश्रण से संचालित है। इसका इंजन ग्रीव्स कॉटन का बाइ-फ्यूल इंजेक्शन है, जो स्थिर गतिशीलता की दिशा में एक बड़ा कदम है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी इस 18वें संस्करण का उद्घाटन करेंगे और देश की पहली हाइड्रोन-सीएनजी बाहा बगी को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। वोल्वो ग्रुप इंडिया की उपाध्यक्ष मारिया एबेसन ने बताया- 2025 में CNG में 5% हाइड्रोजन मिश्रण का उपयोग किया जाएगा और 2026 में इसे बढ़ाकर 18% किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने नेशनल हाईवे का हवाई निरीक्षण किया केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इंदौर-हैदराबाद कॉरिडोर (NH-347BG) के तेजाजी नगर से बलवाड़ा (पैकेज-2) राष्ट्रीय राजमार्ग का हवाई निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मार्ग पर बन रही तीन प्रमुख टनल्स—भेरूघाट टनल (लंबाई 576 मीटर), बाईग्राम टनल (लंबाई 480 मीटर), और चोरल घाट टनल (लंबाई 550 मीटर)—का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि यह मार्ग 2025 के अंत तक पूरी तरह से तैयार हो जाएगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इंदौर शहर के राऊ सर्कल पर स्थित 1.22 किलोमीटर लंबे 6 लेन फ्लाईओवर का भी हवाई निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि फ्लाईओवर का निर्माण कार्य पूरा होने से लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत मिली है और यातायात अब सुगमता से संचालित हो रहा है। इंदौर संभाग में राष्ट्रीय राजमार्गों के चल रहे निर्माण कार्यों की ली जानकारी इंदौर में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर संभाग में राष्ट्रीय राजमार्गों पर चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की। इस अवसर पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के क्षेत्रीय अधिकारी श्रवण कुमार सिंह और इंदौर के परियोजना निदेशक सुमेश बांजल ने निर्माण कार्यों का प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया। बैठक में बताया गया कि इंदौर शहर के स्थानीय परिवहन और राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर आवागमन को सुगम बनाने के लिए एम.आर.-10 जंक्शन और बेस्ट प्राइस के पास 6 लेन का तीन-स्तरीय फ्लाईओवर तथा अर्जुन बड़ोदा और रालामंडल पर अंडरपास का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद इंदौर के शहरी क्षेत्र में आवागमन अधिक सुगम हो जाएगा। इसके अलावा, इंदौर-देवास एनएच-52 पर देवास जंक्शन के रसलपुर में 6 लेन फ्लाईओवर का निर्माण कार्य भी जारी है। इन फ्लाईओवर और अंडरपास के निर्माण से ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी और इंदौर शहर एवं राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन अधिक सुरक्षित होगा। केन्द्रीय मंत्री ने नितिन गडकरी की सराहना इंदौर-खलघाट राजमार्ग के बाकानेर घाट (ब्लैक स्पाट) पर सुरक्षा पहलुओं को देखते हुए सड़क ज्यामिति को उन्नत करने के लिए 8.87 किलोमीटर लम्बाई में मार्ग निर्माण कार्य समय से पूर्व पूर्ण कर लिया गया है। इससे घाट पर होने वाली दुर्घटनाओं से जन सामान्य को मुक्ति मिली। केन्द्रीय मंत्री ने इस कार्य की सराहना की। अधिकारियों द्वारा केन्द्रीय मंत्री गडकरी को अवगत कराया गया कि इन्दौर बायपास मार्ग पर यातायात का दबाव काफी बढ गया है। साथ ही शहर के पूर्वी हिस्से में बायपास के दोनों ओर निरन्तर नई रहवासी कॉलोनियां एवं माल, गोडाउन, वेयर हाउस आदि का विकास हो रहा है। साथ ही इन्दौर विकास प्राधिकरण एवं शासन की अन्य रहवासी परियोजनाओं का विकास भी इस भाग में सतत हो रहा है। साथ ही इन्दौर से खण्डवा, नागपुर, अहमदाबाद एवं महाराष्ट्र की ओर जाने वाले भारी वाहनों का भी अत्यधिक दबाव रहता है। केन्द्रीय मंत्री द्वारा मार्ग के कांक्रीट भाग (मांगलिया से राऊ तक) 32 किलोमीटर लम्बाई में डामरीकरण एवं सौन्दर्यीकरण का कार्य करने तथा छोटे बोगदों को बड़ा करने की सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की गयी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना क्रियान्वयन इकाई इंदौर द्वारा वेस्टर्न रिंग रोड लम्बाई 64 किलोमीटर के निर्माण कार्य के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई पूर्ण किये जाने एवं 3जी अवॉर्ड किये जाने के लिए राज्य शासन से आग्रह किया गया, ताकि वेस्टर्न रिंग रोड का निर्माण कार्य जल्द प्रारम्भ किया जा सके।


