इंदौर की बाहरी सीमा में प्रस्तावित पश्चिमी के साथ-साथ पूर्वी बायपास भी एनएचएआई द्वारा बनाया जाएगा। पूर्वी बायपास कुछ महीने पहले प्रदेश सरकार को बनाने के लिए दिए जाने पर बात चल रही थी। मामला ठंडे बस्ते में था। गुरुवार को जब केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को इस मामले से अवगत कराया तो उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से चर्चा कर पूर्वी बायपास भी एनएचएआई द्वारा ही बनाए जाने पर सहमति जताई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सड़क निर्माण कार्य एनएचएआई करेगा, वहीं प्रदेश सरकार जमीन अधिग्रहण और बायपास के दोनों तरफ डेवलपमेंट पर काम कर सकती है। बायपास के दोनों ओर इंडस्ट्रियल एरिया, मंडियां स्थापित की जाएंगी। मंत्री ने इंदौर-बलवाड़ा सिक्स लेन के काम में देरी पर नाराजगी जताई और प्रोजेक्ट जल्द पूरा करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा, देरी से चलने वाले प्रोजेक्ट 2025 में पूरे नहीं हुए तो कॉन्ट्रैक्टर बदले जाएंगे। इस दौरान इंदौर-खंडवा रोड के साथ ही रालामंडल, एमआर-10, अर्जुन बड़ौद फ्लायओवर और इंदौर-हरदा प्रोजेक्ट पर भी बात हुई। इंदौर-ओंकारेश्वर रोड पर मोरटक्का पुल के महत्व और उज्जैन सिंहस्थ के दौरान ओंकारेश्वर में भक्तों की रुचि देखते हुए मंत्री गडकरी ने यहां आदि शंकराचार्य, नर्मदा माता और देवी अहिल्याबाई होलकर की कलाकृतियां स्थापित करने की बात कही। समीक्षा बैठक में एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुमेश बांझल मौजूद थे। इंदौर-गुजरात समेत 5 प्रमुख हाईवे को जोड़ेगा आउटर बायपास


