जिले के चूनावढ़ थाना क्षेत्र के गांव 22 एमएल में एक व्यक्ति से एक करोड़ पांच लाख 59 हजार 960 रुपए की साइबर ठगी के तार अब बीकानेर से भी जुड़ गए हैं। अब तक इस मामले में फ्रॉड राशि के जयपुर, सोनीपत और मध्यप्रदेश में बैंक खातों में ट्रांसफर होने की बात सामने आई थी और पुलिस ने इन तीनों जगह से सात आरोपी भी गिरफ्तार कर लिए हैं। ताजा जांच में इस मामले में बीकानेर के भी दो युवकों के शामिल हाेने की बात सामने आई है। दोनों युवकों ने फ्रॉड राशि के 4 लाख 33 हजार रुपए अपने खाते में जमा करवाए और बाद में इन्हें चैक के जरिए निकलवा लिया।इस फ्रॉड राशि के कई खातों में ट्रांसफर होने की बात सामने आ रही है।
जांच के दौरान पुलिस को बीकानेर के दो युवकों के इस मामले से जुड़े होने का पता लगा तो बैंक डिटेल जुटाई गई। जांच में सामने आया कि बीकानेर के बंगलानगर के रहने वाले मोहम्मद तहरीर अली उर्फ फराहान पुत्र मोहम्मद बशीर अली और उसके साथी इमरान शेख पुत्र जबार अली ने अपने नाम से खाता खुलवाया और इसमें फ्रॉड की गई राशि के 4 लाख 33 हजार रुपए जमा करवा लिए। बाद में यह राशि चैक के जरिए निकलवा ली गई। पुष्टि होने पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
यह है मामला
चूनावढ़ थाना क्षेत्र के गांव 22 एमएल की जसविंद्र कौर ने पिछले साल 16 नवंबर को साइबर थाने में मामला दर्ज करवाया कि उसके पति सोहनसिंह के फोन पर अज्ञात ने सीबीआई अधिकारी बनकर वीडियो कॉल पर बात की। कॉल करने वाले ने कहा कि सोहनसिंह के खाते में गलत तरीके से पैसा जमा हुआ है और उसके खिलाफ दिल्ली में मुकदमा दर्ज हुआ है। कॉल करने वाले ने कहा कि इस मामले में सोहनसिंह को सात साल की जेल होगी। इस पर दोनों पति पत्नी घबरा गए। आरोपी ने पीड़ित को एक खाता नंबर दिया और उसमें रुपए जमा करवाने को कहा। आरोपी के कहने पर डर के कारण पीड़ित 1 करोड़ 5 लाख 59 हजार 960 रुपए आरोपी के खाते में जमा करवा दिए। इस मामले में इससे पुलिस ने सात आरोपी पकड़े थे। उन्हें जुडिशियल कस्टडी में भिजवा दिया गया है। पकड़े गए आरोपियों की संख्या अब नौ हो गई है।


