भास्कर न्यूज | बालोतरा शहर के न्यायालय परिसर में मंगलवार को जिला एवं सेशन न्यायाधीश एम.आर. सुथार की अध्यक्षता में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण व राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार आगामी 21 दिसंबर को आयोजित होने वाली इस वर्ष की अंतिम राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन को लेकर बालोतरा न्यायक्षेत्र के न्यायिक अधिकारियों व अधिवक्ताओं के साथ बैठक आयोजित हुई। बैठक में न्यायिक अधिकारियों के साथ न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के अधिक से अधिक संख्या में चिन्हित कर निस्तारण के लिए विचार-विमर्श किया गया। साथ ही न्यायालयों की ओर से लोक अदालत के लिए सभी प्रकृति के राजीनामा योग्य चिन्हित किए गए प्रकरणों में तथा विशेष रूप से धारा 138 एनआई एक्ट के 2 लाख तक के कुल लंबित प्रकरणों को चिन्हित कर अधिक से अधिक प्रकरणों में निस्तारण की बात कही। डोर स्टेप काउंसलिंग व प्री-काउंसलिंग की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की तथा बैठक में प्रकरणों के निस्तारण के संबंध मंे आने वाली कठिनाइयों एवं उनके व्यावहारिक समाधान के लिए सुझाव आमंत्रित किए एवं पूर्व में आयोजित लोक अदालतों में कुल निस्तारण प्रकरणों की संख्या से इस बार संख्या में बढ़ोतरी करने व पूर्व से मिले अनुभवों को साझा करते हुए व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए निर्देश जारी किए गए। बैठक में दो लाख तक के एनआई एक्ट के न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के निस्तारण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता महसूस की गई एवं अधिकाधिक प्रकरणों को राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए चिन्ह्ति कर लोक अदालत में रखने व पक्षकारों की उपस्थिति सुनिश्चित कर अधिकतम लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित किया गया। बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव एवं एडीजे सिद्धार्थ दीप, सीजेएम नुकेश भगोरा, एसीजेएम कोर्ट संख्या 1 रामचंद्र चौहान, एजेएम सोनल ललवाणी सहित न्यायिक मजिस्ट्रेट सिवाना दिग्विजय देथा, न्यायिक मजिस्ट्रेट सिणधरी सौरव एवं वरिष्ठ अधिवक्ता बालोतरा, सिवाना व सिणधरी वर्चुअल मौजूद रहे।


