माइंड मैपिंग एक्टिविटी के जरिए आसान तरीके से गणित करना सीख रहे विद्यार्थी

भास्कर संवाददाता | बड़वानी महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन के जन्मदिवस के अवसर पर उनकी गणित के प्रति अमूल्य देन को स्मरण करते हुए शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल भवती में रामानुजन सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। सप्ताह की शुरुआत पर गणित के शिक्षक विजेंद्रसिंह गुर्जवार ने विद्यार्थियों के समक्ष श्रीनिवास रामानुजन का जीवन परिचय प्रस्तुत किया। उनके संघर्ष, लगन और गणित के प्रति समर्पण से विद्यार्थियों को प्रेरित किया। शिक्षक विजेंद्रसिंह ने बताया रामानुजन सप्ताह के अंतर्गत पूरे सप्ताह गणित आधारित गतिविधियां होंगी। जिनका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए गणित को सरल, रोचक व भयमुक्त बनाना है। सप्ताह के प्रथम दिन शिक्षक ने अपने नवाचार माइंड मैपिंग एक्टिविटी का आयोजन किया। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि जिस प्रकार किसी स्थान तक पहुंचने के लिए नक्शा मार्गदर्शन करता है, उसी प्रकार माइंड मैपिंग किसी समस्या के समाधान तक पहुंचने के लिए दिमागी नक्शा तैयार करने में सहायक होती है। इस गतिविधि के तहत विद्यार्थियों को एक बॉक्स से यादृच्छिक रूप से गणितीय समस्या कार्ड प्राप्त होते हैं। कार्ड के अग्र भाग पर प्रश्न या समस्या दी होती है, जबकि पृष्ठ भाग पर उसके समाधान के लिए संक्षिप्त संकेत दिए गए हैं। विद्यार्थी समस्या के समाधान के लिए माइंड मैप बनाकर क्रमवार हल प्रस्तुत करते हैं। बोझिल नहीं, अब मनोरंजक है गणित विद्यालय के गणित शिक्षक विजेंद्रसिंह के तैयार किए गए ये माइंड मैपिंग कार्ड विद्यार्थियों को अत्यंत रुचिकर लग रहे हैं। इस नवाचार से गणित अब विद्यार्थियों के लिए बोझिल विषय न रहकर एक मनोरंजक और आत्मविश्वास बढ़ाने वाली गतिविधि बन गया है। शिक्षक ने बताया कि ये कार्ड विशेष रूप से 10वीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी को परखने और मजबूत करने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। गणित कठिन क्यों लगता है : विजेंद्रसिंह शिक्षक विजेंद्रसिंह के अनुसार अधिकांश विद्यार्थी गणित को कठिन मानते हैं। इसके दो मुख्य कारण हैं। आधारभूत ज्ञान का अभाव व अभ्यास की कमी। आधार कमजोर होने से गलतियां होती हैं। परीक्षा में कम अंक आने से विद्यार्थी भयभीत हो जाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को लगातार अभ्यास करने, त्रुटियों को पहचानने व उन्हें दोहराने से बचने की सलाह दी। विशेषकर गणित में अधिक अभ्यासकार्य की आवश्यकता होती है। लगातार अभ्यास से गलतियां कम होती जाती हैं।

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