भास्कर न्यूज | भीलवाड़ा/धामनिया जिले के काछोला के पास धामनिया गांव के सामुदायिक भवन में भागवत कथा के पांचवें दिन मंगलवार को भगवान कृष्ण जन्मोत्सव मनाया। भगवान के जन्म प्रसंग पर झांकी सजाई। पूरा पंडाल नंद के घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की जयकारे से गूंज उठे। भजनों पर भक्त नृत्य करने लगे। सारे गोकुल में हल्ला हो गया, मैया यशोदा के लल्ला हो गया…भजन पर भक्त भाव विभोर हो गए। पंडाल में युवाओं ने पैरामिड बनाकर दही भरी मटकी फोड़ी। कृष्ण जन्मोत्सव पर महिलाओं ने बधाई गीत गाए। भगवान के जन्म की खुशी में गुड़ के लड्डू का भोग लगाया। बधाइयां बांटीं और फूलों से होली खेली। कथा वाचक स्वामी जगदीश पुरी महाराज ने कहा कि कलयुग में भागवत कथा सुनने मात्र से मोक्ष की प्राप्ति होती है। भागवत ऐसी कथा है जिसे ग्रहण करने मात्र से मन को शांति मिलती है। भागवत सुनने से अहंकार का नाश होता है। महाआरती के साथ पांचवें दिन की कथा का विश्राम हुआ। Q : कथाओं की शुरुआत किसकी प्रेरणा से हुई? A. बचपन से ऐसे भाव थे, प्रभु कृपा रही। कोलायत के त्यागी ब्रह्मानंद गिरी महाराज के आग्रह पर कथा की शुरुआत की थी। Q आप अब तक कितनी कथाएं कर चुके हैं। कौन- कौन सी कथाएं करते हैं? A . हमने कथाओं की कभी गिनती नहीं की। 1990 के आसपास कथा करना प्रारंभ किया था। संभवत: कथाओं का आंकड़ा 200 पार हो सकता है। Q : कई कथा वाचक भंडारे चला रहे हैं, वृद्धाश्रम का संचालन कर रहे हैं। आप भी ऐसा कोई जनसेवा का कार्य कर रहे हैं? A. गो सेवा को प्राथमिकता दी है। 650 गायों की सेवा चल रही है। शक्करगढ़ में गोशाला है, जिसे जिले की पहली सर्वश्रेष्ठ गोशाला के रूप में सम्मान मिल चुका है। Q सवाल: युवाओं की आस्था धर्म में बढ़ी है, ऐसा बदलाव कैसे आ रहा है? A. मानसिक शांति के लिए कोई न कोई साधना जरूर करनी चाहिए। युवा आध्यात्मिकता की ओर अग्रसर हो रहा है यह सनातन धर्म के लिए शुभ संकेत है। Q सवाल: कभी विदेश में भागवत कथा करने का आपको अवसर मिला? A. कई बार अवसर मिले लेकिन विदेश में कथा करने की रुचि नहीं रही। पांच मई से 11 मई तक पड़ोसी देश नेपाल में भागवत कथा करने का अवसर मिल रहा है। Q सवाल : गायों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए सरकार को क्या कदम उठाने चाहिए ? A: सरकार गायों की सुरक्षा व संरक्षण को लेकर गंभीर है। पात्र गोशालाओं को अनुदान मिल रहा है। फिर भी जो संस्थाएं गो सेवा कर रही हैं उनको प्रोत्साहन मिले। कृष्ण जन्मोत्सव की झांकी सजाई, विधायक भी नाचे कथा के दौरान पंडाल में रात श्याम सपने में आया…भजन पर भक्तों ने विधायक गोपाल खंडेलवाल को कंधों पर उठा लिया। विधायक भी खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने भजन पर नृत्य किया। साफा बंधवाकर कथा वाचक जगदीश पुरी महाराज का स्वागत कर आशीर्वाद लिया।


