40 हजार लाभा​र्थियों पर असर

भास्कर संवाददाता| बांसवाड़ा गरीबों को मिलने वाले गेहूं को कई जगह राशन डीलर ही हड़प रहे हैं। गेहूं का गबन करने वाले राशन डीलर्स की संख्या बीते 4 वर्षों में 60% बढ़ी है। पिछले 8 वर्षों के मामलों की पड़ताल में सामने आया कि 2018 से 2021 तक 3 लाख 21 हजार 357 किलो गेहूं डीलरों ने चुराया था। इसके बाद अगले चार वर्ष 2022 से 2025 के बीच डीलर्स ने 8 लाख 53 हजार 767 किलो गेहूं सरकारी दुकानों से गायब कर दिया। इस दौरान गेहूं का गबन करने वाले डीलरों की संख्या 21 से बढ़कर 29 तक पहुंच गई। पिछले 8 वर्ष में जिले में 50 राशन डीलर ऐसे सामने आए जो गरीबों का 11 लाख 75 हजार 121 किलो गेहूं चुरा चुके हैं। गेहूं न मिले तो शिकायत करें कोई राशन डीलर यदि निर्धारित गेहूं नहीं दे तो राशन दुकान पर चस्पा जिला रसद अधिकारी, प्रर्वतन अधिकारी, प्रवर्तन निरीक्षक को कॉल कर शिकायत करें। लाभार्थी 181 पर कॉल करके या संपर्क पोर्टल पर भी शिकायत कर सकते हैं। वर्ष केस मात्रा (किलो में) 2018 2 1,31,847 2019 3 15,068 2020 6 1,45,362 2021 10 29,080 2022 से 2025 तक इतने बढ़े 2022 11 2,62,736 2023 3 1,49,169 2024 13 4,25,039 2025 2 16,825 चोरी के मामलों के कारण 40 हजार से ज्यादा लाभार्थियों पर असर पड़ा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार गेहूं के गबन के मामलों में जांच के बाद विभाग चोरी का प्रकरण दर्ज कराता है। लेकिन संबंधित दुकान से गेहूं लेने वाले लाभार्थियों को उस माह गेहूं नहीं मिल पाता। हालांकि सरकार एक माह अग्रिम सप्लाई करवाती है लेकिन सप्लाई की प्रक्रिया में समय लगने के कारण जरूरतमंदों को गेहूं के लिए चक्कर काटने पड़ते हैं। ^गड़बड़ी को रोकने के लिए विभाग नियमित जांच कराता है। स्टॉक से गेहूं की मात्रा की जांच होती है। गड़बड़ी सामने आने पर प्रकरण दर्ज कराया जाता है। अब तक के प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन हैं। कोर्ट के आदेश पर रिकवरी की जाती है। – ओेमप्रकाश जोतड़, जिला रसद अधिकारी, बांसवाड़ा

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