डेथ ब्रॉडगेज:उदयपुर-डूंगरपुर के बीच 120 किलोमीटर में 3 वर्ष में 5 हजार मवेशी कटे

उदयपुर-डूंगरपुर रेलखंड पर लगातार हो रहे पशु-हादसों ने इस पूरे ट्रैक को “डेथ ब्रॉडगेज” में बदल दिया है। गांवों के बीच से गुजरने वाली यह लाइन हर दिन नई त्रासदी लेकर आती है। ट्रेन की स्पीड, अंधेरा, खुली चराई, और प्रशासनिक लापरवाही-ये सभी मिलकर इस मार्ग को सबसे खतरनाक बना रहे हैं। आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) से मिले आंकड़ों के अनुसार ब्रॉडगेज लाइन पर तीन साल में करीब 5 हजार से ज्यादा पशुओं की ट्रेन से कटने से मौत हुई है। इधर, गौरक्षा दल दावा कर रहा है कि रेलवे लाइन शुरू होने से अब तक 14000 से भी अधिक पशुओं की मौत हुई है। गौरक्षा दल के शैलेष त्रिवेदी ने बताया कि उदयपुर-डूंगरपुर रेल लाइन 54 गांवों से गुजरती है। गांवों में पशुओं को खुला छोड़ने की परंपरा है। रात में झुंड सीधे रेल लाइन पर पहुंच जाते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं। चरागाह, खेत रेल लाइन के एक तरफ और घर-बाड़े दूसरी तरफ होने से हादसे हो रहे हैं। वहीं रेलवे विभाग की लापरवाही यह है कि लगातार हादसे होने के बावजूद संवेदनशील क्षेत्र में फेंसिंग नहीं लगवाई जा रही है। फील्ड विजिट, संयुक्त टीम और नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था सिर्फ कागजों में चल रही है। वर्तमान में 4 ट्रेनों का आवागमन है। निकट भविष्य में वंदे भारत सहित नई ट्रेनें शुरू करने की योजना है। इसके बाद हादसे और बढ़ने की संभावना है। सरकार ने वादा किया… लेकिन जमीनी सच्चाई कुछ और पिछले वर्षों में कई रिपोर्टें रेलवे तक पहुंचीं, लेकिन न तो सुरक्षा दीवार बनी, न फेंसिंग, न सिग्नल सिस्टम विकसित हुआ। रेल मंत्रालय द्वारा भेजी गई टीमों की रिपोर्ट भी फाइलों में दब गई। इसी लापरवाही की वजह से रोजाना सैकड़ों पशु कट रहे हैं, और कई बार ट्रेनें भी क्षतिग्रस्त होकर यात्रियों की जान जोखिम में पड़ जाती है। पशुप्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने रेल मंत्री को भेजे पत्र में साफ लिखा है कि अगर 1 जनवरी 2026 तक ट्रैक सुरक्षित करने, फेंसिंग, जागरूकता और संयुक्त मॉनिटरिंग की ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो रेल रोको आंदोलन शुरू किया जाएगा। संगठन का दावा-रेलवे और प्रशासन की अनदेखी के कारण इतनी बड़ी त्रासदी हो रही है, आगे की जिम्मेदारी भी उन्हीं की होगी। “जीएम से फेसिंग को लेकर चर्चा हुई है। अभी उदयपुर चित्तौड़गढ़ के बीच में फेंसिंग का काम हो रहा है। इसके बाद उदयपुर डूंगरपुर लाइन का काम शुरू होगा।” -मन्नालाल रावत, सांसद “उदयपुर-अहमदाबाद लाइन के लिए फेंसिंग का टेंडर हो चुका है। मार्च 2026 में काम शुरू हो जाएगा, इसके बाद हादसों में पशुओं और अन्य जीवों की मौत पर लगाम लगेगी। मावली-बड़ीसादड़ी लाइन पर भी बहुत ही जल्द फेंसिंग करवाई जाएगी।” -महेंद्र देपाल, एआरओ उदयपुर रेलवे

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *