पचास हजार से ज्यादा आबादी वाले महलगांव और उसके आसपास वाले क्षेत्र की सुविधा के लिए प्रस्तावित अंडरपास पर प्रक्रियाओं का ग्रहण लगा हुआ है। इस अंडरपास के निर्माण के लिए न तो एजी ऑफिस की जमीन मिल पा रही है और न निजी जमीन का अधिग्रहण हो सका है। नतीजा-5 अक्टूबर को भूमिपूजन के बाद अब तक काम शुरू नहीं हो पा रहा है। ये अंडरपास बनने पर महलगांव, पंत नगर, ओहदपुर, हरिशंकरपुरम, श्रीराम कॉलोनी आदि रिहायशी क्षेत्रों के लोगों को राहत मिलेगी, क्योंकि, इन लोगों को एजी ऑफिस रोड से न्यू सिटी सेंटर के बीच 2 किलोमीटर तक का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है। ऐसे लग रहे 3 अड़ंगे
एजी ऑफिस: इस अंडरपास के लिए एजी ऑफिस की बाउंड्रीवॉल को तोड़कर 18 मीटर अंदर की तरफ बनाया जाना है। जिससे एजी ऑफिस साइड की जगह अंडरपास के लिए मिल सकेगी। इसकी अनुमति के लिए एमपीआरडीसी के प्रबंध संचालक (एमडी) ने 6 अक्टूबर, स्थानीय अधिकारियों ने 2 अप्रैल, 6 सितंबर और 18 सितंबर को एजी ऑफिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के पत्र लिखे। फिर 13 नवंबर को कलेक्टर ग्वालियर ने भी पत्र लिखा है। लेकिन अब तक कोई अनुमति एजी ऑफिस की तरफ से नहीं मिल सकी। निजी जमीन: अंडरपास निर्माण के लिए मौजूदा पुलिया के आसपास की 0.337 हेक्टेयर निजी जमीन का अधिग्रहण होना है, लेकिन राजस्व और एमपीआरडीसी अधिकारी ये नहीं बता पा रहे कि आखिर अधिग्रहण कब तक होगा।
रेलवे: एमपीआरडीसी ने इस अंडरपास की डिजाइन अनुमोदन के लिए रेलवे के पास कई महीने पहले भेजी, लेकिन रेलवे ने अब तक जवाब नहीं दिया। इस कारण भी काम रुका है। इसी वजह से शहर के अधिकांश आरओबी लेट हुए हैं।


