रोड, ब्रिज, फोरलेन के चलते जंगल जरूर सिमट रहे हैं, लेकिन वन्यप्राणियों के मामले में हम समृद्ध हो रहे हैं। 18 दिसंबर से बाघों की गणना शुरू होगी, लेकिन इसके पहले ही वन विभाग को उत्साहजनक संकेत मिले हैं। रिहर्सल के दौरान ही इंदौर वन मंडल की चार रेंज की 14 बीट में बाघों की मौजूदगी के प्रमाण सामने आए हैं। जंगलों में बाघ के पंजों के निशान मिले हैं। विभाग ने गणना के लिए पिछले एक सप्ताह से तैयारियां शुरू कर दी हैं। तेंदुआ, नीलगाय, चीतल, भेड़की होने के प्रमाण भी मिले
डीएफओ प्रदीप मिश्रा के मुताबिक महू, मानपुर और चोरल के जंगलों में करीब 1500 नाइट विजन कैमरे लगाए हैं। वहीं, इंदौर रेंज में डबलचौकी और नाहर-झाबुआ की तरफ कैमरे लगाए गए हैं। बाघ के साथ ही तेंदुआ, नीलगाय, चीतल, भेड़की के प्रमाण भी मिले हैं। गश्त और अधिक होगी
डीएफओ के मुताबिक वीकेंड के अलावा सामान्य दिनों में भी जंगल में गश्त तेज कर दी गई है। हर रेंज में अलग-अलग गश्ती दल बनाकर सुबह और रात में निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। पिछले दिनों ही महू रेंज में शिकारी पकड़े गए थे। लोगों को भी हिदायत दी गई है। सड़क किनारे भी प्रमाण
तीन साल में महू, मानपुर और चोरल में कई बार बाघ दिख चुका। जंगल के बीच से गुजर कर सड़कों के किनारे, मानपुर घाट पर भी बाघ बैठा हुआ दिख गया है। वर्ष 2020-21 में गणना में इंदौर, देवास, बड़वाह के बीच 5 बाघ होने के प्रमाण मिले थे। बायपास की कॉलोनी में फिर तेंदुआ दिखा
बायपास पर सहारा सिटी इलाके में घूम रहे तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने पिंजरा लगा दिया है। इसके दो शावक भी हैं। इस इलाके में पंजे के निशान मिलने से यह साबित हो गया है कि तेंदुए का मूवमेंट जारी है। कुछ दिनों से लगातार इस एरिया में तेंदुआ देखे जाने की सूचना मिल रही है। चार दिन पहले देवगुराड़िया ट्रेंचिंग ग्राउंड में एक तेंदुआ नजर आया था।


