कलेक्ट्रेट जनसुनवाई में मंगलवार को कुल 130 आवेदन पहुंचे। इनमें स्कूल में बच्चे की आंखों पर पेंसिल से हमला, महिला आरक्षक को बेटे से न मिलने देना और पीएम आवास में मार्जिन मनी जमा करने के बावजूद मकान का आवंटन न होने जैसे मामले शामिल रहे। सुनवाई के बाद कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश दिए। बच्चे की आंख पर दूसरे छात्र ने मार दी पेंसिल, स्कूल ने नहीं बताया बैरसिया निवासी मनोज कुशवाहा ने जनसुनवाई में बताया कि उनका बेटा लवयंश बैरसिया की एक स्कूल में केजी-2 में पढ़ता है। 10 नवंबर को कक्षा के दौरान एक अन्य छात्र ने उस पर पेंसिल से हमला कर दिया, जिससे उसकी आंख में गंभीर चोट आई। स्कूल प्रबंधन ने घटना की जानकारी परिजनों को नहीं दी। घर लौटने पर बच्चे ने घटना बताई, जिसके बाद निजी आंख के अस्पताल में इलाज कराया गया। एक आंख का ऑपरेशन हो चुका है, जबकि दूसरी आंख का इलाज जारी है। स्कूल द्वारा सीसीटीवी फुटेज देने से भी मना किया गया। कलेक्टर ने आवेदन डीईओ को अग्रिम कार्रवाई के लिए भेजा। बेटा भोपाल के स्कूल में ही पढ़ता है, लेकिन स्कूल प्रबंधन नहीं दे रहा उसकी जानकारी
पुलिस लाइन में पदस्थ महिला आरक्षक रेणू सिंह ने बताया कि उनका पति और भोपाल पुलिस लाइन में पदस्थ आरक्षक विकास सिंह राणा बेटे को उनसे मिलने नहीं देता। रेणू के अनुसार, शादी 7 मई 2017 को हुई थी और एक बेटा है। कुछ समय बाद पति ने तलाक दिए बिना बुलंदशहर में दूसरी शादी कर ली। बेटे को साथ ले गया। बाद में पता चला कि बेटा कोलार रोड स्थित स्कूल में पढ़ रहा है, लेकिन स्कूल ने जानकारी देने से इनकार कर दिया। बच्चे की अभिरक्षा को लेकर फैमिली कोर्ट में केस चल रहा है। उन्होंने स्कूल से जानकारी दिलाने की मांग की है। 2022 में आवंटित हुआ, मार्जिन मनी जमा, फिर भी अब तक नहीं मिला पीएम आवास
प्रेमपुरा निवासी धनसिंह लोहिया का कहना था कि 23 मार्च 2022 को उनको श्याम नगर पीएम आवास आवंटित हुआ था। इसके बाद 6 अप्रैल 2022 को उन्होंने 20 हजार रुपए मार्जिन मनी नगर निगम में जमा किया। इसके 3 महीने बाद जब उन्होंने नगर निगम में आवास के संबंध में जानकारी ली, तो वहां से कहा गया कि श्याम नगर पीएम आवास भर गया है। धनसिंह ने आवेदन देते हुए कहा कि यदि श्याम नगर पीएम आवास भर गया है, तो उनको अन्य किसी जगह पर पीएम आवास आवंटित कराया जाए।


