मुजफ्फरनगर में वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर हो गई है। शुक्रवार सुबह जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) खतरनाक रेड कैटेगरी में पहुंचकर 221 दर्ज किया गया। यह आंकड़ा गुरुवार की सुबह 158 से बढ़कर शाम तक 197 और शुक्रवार सुबह तक 221 तक पहुंच गया। प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण रात के समय फैक्टरियों द्वारा अवैध गतिविधियां हैं। ये फैक्टरियां प्रतिबंधित प्लास्टिक वेस्ट, कूड़ा-कर्कट और पॉलीथिन को जलाकर वातावरण को जहरीला बना रही हैं। इसका प्रभाव लोगों के स्वास्थ्य पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है, जिससे आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत और दमा एवं हृदय रोगियों की समस्याएं बढ़ रही हैं। जौली रोड और भोपा रोड के आसपास के कई गांव जैसे निराना, भिक्की, सिखरेड़ा, धंधेड़ा, भगवानपुरी, मखियाली और मुझेड़ा सबसे अधिक प्रभावित हैं। स्थानीय निवासी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन बोर्ड केवल औपचारिकताएं पूरी करने तक सीमित है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो इसका दुष्प्रभाव आने वाली पीढ़ियों पर भी पड़ सकता है।


