बारां जिले में 6 महीने की बच्ची HMPV पॉजिटिव मिली है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर बच्ची के गांव पहुंची और घर-घर जाकर सर्वे किया। बताया जा रहा है कि बच्ची को खांसी-जुखाम और बुखार था। उसका कोटा में इलाज चल रहा था। तीन महीने पहले उसका सैंपल लिया गया था, जिसकी रिपोर्ट आने पर HMPV पॉजिटिव होने का पता चला। परिवार बच्ची को लेकर चार दिन पहले ही गांव आया था। मामला सारथल क्षेत्र के भावपुरा ग्राम पंचायत के बादलड़ा गांव का है। बच्ची पूरी तरह स्वस्थ सीएमएचओ डॉ. संपतराज नागर ने बताया- बच्ची को बुखार होने पर पहले झालावाड़ हॉस्पिटल में भर्ती किया गया। उसके बाद 2 अक्टूबर को कोटा के जेके लोन हॉस्पिटल में 20-25 दिन भर्ती किया गया। कोटा में से उसका निजी क्लिनिक में भी हुआ है। बच्ची अभी स्वस्थ है। सारथल पीएचसी की टीम ने घर का सर्वे किया है। गांव का सर्वे लगातार चल रहा है। उसकी फेमिली हिस्ट्री और ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। बच्चों और बुजुर्गों का स्वास्थय की जांच सारथल पीएचसी के इंचार्ज डॉ. नंद किशोर वर्मा ने बताया- जिला स्वास्थ्य विभाग से एक रिपोर्ट प्राप्त हुई है, जिसमें कोटा के जेके लोन हॉस्पिटल में में भर्ती 6 महीने की बच्ची की HMPV वायरस सैंपल की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है। बच्ची के खांसी व बुखार होने पर कोटा में जेके लोन व निजी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। वायरस की पुष्टि होने पर गांव के सभी घरों में मॉनिटरिंग करके बच्चों और बुजुर्गों का स्वास्थय की जांच की गई। उन्होंने बताया कि मॉनिटरिंग का काम लगातार किया जाएगा जबकि एक टीम प्रतिदिन शिशु के स्वास्थ्य की निगरानी करेगी। इसके अलावा मरीज के घर का भी सर्वे किया गया। कीचड़ में गाड़ी खड़ी कर पहुंची मेडिकल टीम करीब 40 घरों वाला गांव बादलड़ा कीचड़ और गंदे पानी से अटा हुआ है। ग्रामीण कीचड़ से होकर आते-जाते हैं। मेडिकल टीम गांव पहुंची, तो कीचड़ के कारण वाहनों को गांव के बाहर खड़ा कर गांव में पहुंची। ग्रामीणों ने बताया कि यहां साल भर ऐसे ही हालात रहते हैं। नालियां नहीं होने पर गंदे पानी की निकासी नहीं होती है। ग्राम पंचायत ध्यान नहीं देती है। सामान्य वायरस, डरने की बात नहीं डिप्टी सीएमएचओ (स्वास्थ्य) डॉ. कमलकांत नागर ने बताया- यह सामान्य वायरस है, इससे डरने वाली कोई बात नहीं है। सर्दी में बच्चों, बुजुर्गों का ध्यान रखें तथा सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें।


