ग्वालियर व्यापार-मेले में लोगों को रोड टैक्स छूट का इंतजार:वाहनों की खरीदी पर रोड टैक्स में 50 फीसदी छूट देने सीएम से मिले मंत्री सिलावट

श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेले में हर साल राज्य सरकार वाहनों की खरीदी पर रोड टैक्स में 50% की रियायत देती है। साल 2025-26 में भी ग्वालियर व्यापार मेले में वाहनों की खरीदी पर रोड टैक्स में 50% छूट दिए जाने का आग्रह प्रदेश के जल संसाधन मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर किया है। उन्होंने मेले में वाहनों पर रोड टैक्स में छूट के लिए मुख्यमंत्री को पत्र भी सौंपा है। रिकॉर्ड संख्या में बिकते है वाहन ग्वालियर व्यापार मेले में ऑटोमोबाइल सेक्टर का कारोबार सबसे अधिक होता है। हर साल यहां रिकॉर्ड संख्या में वाहनों की बिक्री होती है। इसका सबसे बड़ा कारण मेले में वाहनों की खरीदी पर मिलने वाली रोड टैक्स में 50% की छूट है। प्रदेश सरकार हर साल मेले में वाहन खरीदी पर रोड टैक्स में छूट देती है, जिससे 10 लाख रुपए तक के वाहन पर 80 से 90 हजार रुपए तक की बचत हो जाती है। ग्वालियर में 25 दिसंबर से 25 फरवरी के बीच ग्वालियर व्यापार मेले का आयोजन किया जाएगा, लेकिन अभी तक मेले में वाहन खरीदी पर मिलने वाली 50% रोड टैक्स छूट को लेकर कोई अधिसूचना जारी नहीं हुई है। व्यापारी आशा लगाए बैठे हैं कि मेले की शुरुआत के साथ ही छूट लागू हो जाए, जिससे पिछले कई वर्षों के वाहन बिक्री के रिकॉर्ड टूट सकें। रोड टैक्स में छूट के लिए प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भेंट कर आग्रह किया है कि ग्वालियर के ऐतिहासिक व्यापार मेले में वाहनों पर 50% छूट का निर्णय जल्द लिया जाए, ताकि मेला अवधि में नागरिकों को इसका लाभ मिल सके। रोड टैक्स में छूट मिलने से अधिक से अधिक वाहन कंपनियों को ग्वालियर में अपने वाहनों के स्टॉल लगाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। सन 1905 में हुई थी मेले की शुरुआत उल्लेखनीय है कि ग्वालियर व्यापार मेले की स्थापना 1905 में हुई थी। यह मेला उत्तर भारत का एक बड़ा और प्रसिद्ध मेला है। प्रारंभ में यह पशु मेले के रूप में आयोजित किया जाता था, जो आगे चलकर हथकरघा, हस्तशिल्प, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक सामग्री तथा खान-पान के लिए भी प्रसिद्ध हो गया। इस मेले में न केवल ग्वालियर-चंबल संभाग, बल्कि उत्तर प्रदेश, राजस्थान एवं अन्य प्रांतों से भी बड़ी संख्या में लोग आते हैं।

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