भारतीय सेना को अमेरिका से आखिरी तीन अपाचे AH-64E हेलिकॉप्टर मिल गए हैं। मंगलवार 17 दिसंबर 2025 को ये हेलिकॉप्टर एंटोनोव AN-124 ट्रांसपोर्ट विमान में गाजियाबाद जिले के हिंडन एयरबेस पर पहुंचे। इसके साथ ही भारतीय सेना के छह अपाचे हेलिकॉप्टर का बेड़ा पूरा हो गया है। इन तीनों हेलिकॉप्टर को पाकिस्तान के साथ लगी पश्चिमी सीमा के पास जोधपुर के 451 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन में तैनात किया जाएगा। सेना ने बताया कि असेंबली, संयुक्त निरीक्षण और अन्य औपचारिकताओं के बाद आने वाले दिनों में इन हेलिकॉप्टरों को जोधपुर में तैनात किया जाएगा। राजस्थान में स्क्वाड्रन होने की वजह से इनका रंग रेत (मिट्टी) जैसा रखा गया है, जिससे रेगिस्तानी इलाकों में छुपने में मदद मिलती है। डिलीवरी में देरी के बावजूद पूरा हुआ सौदा रक्षा मंत्रालय ने 2020 में बोइंग से थल सेना के लिए 6 हेलिकॉप्टर खरीदने का 600 मिलियन डॉलर (करीब 5,691 करोड़ रुपए) का करार किया था। मूल योजना के अनुसार इन हेलिकॉप्टरों को मई-जून 2024 तक पहुंचना था, लेकिन सप्लाई चेन की समस्याओं और तकनीकी कारणों से 15 महीने की देरी हुई। पहली तीन अपाचे हेलिकॉप्टर की खेप जुलाई 2025 में भारत पहुंची थी। आखिरी तीन हेलिकॉप्टर को नवंबर में भेजा जाना था, लेकिन तुर्की द्वारा ओवर फ्लाइट की अनुमति नहीं मिलने के कारण विमान को वापस अमेरिका लौटना पड़ा था। अमेरिका के दूतावास ने स्वागत किया अमेरिका के दूतावास ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि अपाचे हेलिकॉप्टर की डिलीवरी अमेरिका के राष्ट्रपति और भारतीय प्रधानमंत्री के की घोषणा के बाद की गई है। दूतावास ने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच रक्षा के क्षेत्र में बड़ी साझेदारी है।


