झालावाड़ जिले के झालरापाटन विधानसभा क्षेत्र में राशन डीलर आवंटन सलाहकार समितियों का गठन नहीं होने से उपभोक्ता एक साल से परेशान हैं। करीब 10 राशन दुकानों का आवंटन रुका हुआ है, जिससे 3,000 से अधिक उपभोक्ताओं को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। रसद विभाग ने नई दुकानों के लिए आवेदन ले लिए हैं, लेकिन राज्य सरकार की ओर से आवंटन समितियां नहीं बनाई गई हैं। इसके कारण ये आवेदन केवल कागजी कार्रवाई बनकर रह गए हैं और आवंटन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। झालावाड़ शहर में पांच, भवानीमंडी शहर में दो, झालरापाटन शहर में एक और पिड़ावा तहसील में दो राशन दुकानों के लिए समितियों का गठन नहीं हुआ है। इसके अलावा रायपुर और सुनेल तहसील के कई क्षेत्रों में भी यही स्थिति है, जिससे उपभोक्ताओं को खाद्यान्न लेने के लिए दूर जाना पड़ रहा है। राजस्थान के अन्य जिलों में रिक्त और नवसृजित दुकानों का आवंटन चल रहा है। झालावाड़ जिले के मनोहरथाना, डग और खानपुर जैसे अन्य तीन विधानसभा क्षेत्रों में आवंटन समितियों का गठन हो चुका है, लेकिन झालरापाटन में यह प्रक्रिया लंबित है। प्रवर्तन अधिकारी गोविंद देथा ने बताया कि आवंटन समितियां बनते ही दुकानों का आवंटन कर दिया जाएगा। समितियों के गठन और दुकानों के आवंटन में देरी के कारण उपभोक्ता फिलहाल अपनी नजदीकी दूसरी राशन दुकानों से खाद्य सुरक्षा योजनाओं के तहत मिलने वाला गेहूं प्राप्त कर रहे हैं।


