करौली में बुधवार को कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार के खिलाफ कलेक्ट्रेट के सामने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) सहित अन्य संवैधानिक संस्थाओं के कथित दुरुपयोग और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में हस्तक्षेप के विरोध में आयोजित किया गया था। इसमें कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। धरना-प्रदर्शन में टोडाभीम विधायक एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष घनश्याम महर, करौली के पूर्व विधायक लाखन सिंह, पीसीसी सचिव भूपेंद्र भारद्वाज, विशाल मीणा और पीसीसी महासचिव हुकुमबाई मीणा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। विभिन्न संगठनों के अध्यक्षों और पदाधिकारियों ने भी इसमें सक्रिय भागीदारी निभाई। वक्ताओं ने भाजपा नीत केंद्र एवं राज्य सरकारों पर संवैधानिक संस्थाओं का राजनीतिक हथियार के रूप में दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने मतदाताओं को परेशान करने, मतदाता सूची से नाम काटने, वोट चोरी कर सत्ता में आने तथा ईडी-सीबीआई जैसी एजेंसियों के दुरुपयोग जैसे मुद्दे उठाए। कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया। धरना समाप्त होने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के बाहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में पुलिस जाप्ता तैनात रहा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष एवं टोडाभीम विधायक घनश्याम मेहर ने कहा कि कांग्रेस भाजपा और आरएसएस की नीतियों का विरोध करती रहेगी। उन्होंने भाजपा पर धर्म की राजनीति करने और समाज में सांप्रदायिकता फैलाने का भी आरोप लगाया।


