जबलपुर में ऑनलाइन गेम की लत में ठगी:मटर व्यापारी बनकर एमपी ऑनलाइन दुकानदारों से 2.10 लाख ऐंठे, आरोपी गिरफ्तार

जबलपुर के शहपुरा क्षेत्र में ऑनलाइन गेम की लत के चलते दुकानदारों से ठगी का मामला सामने आया है। शहपुरा पुलिस ने दो एमपी ऑनलाइन सेंटर संचालकों की शिकायत पर मझौली निवासी 27 वर्षीय दिवाकर सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर करीब 2 लाख 10 हजार रुपए की ठगी का आरोप है। पुलिस के अनुसार, शहपुरा में एमपी ऑनलाइन सेंटर संचालक अमित बर्मन और अभिषेक सेन की दुकानों पर आरोपी पहुंचा और खुद को मटर व्यापारी बताया। आरोपी ने नगद रुपए देने के बदले क्यूआर कोड में ऑनलाइन ट्रांजैक्शन कराने को कहा और अतिरिक्त पांच हजार रुपए देने का लालच दिया। अमित बर्मन ने आरोपी के बताए क्यूआर कोड में पहले 70 हजार रुपए ट्रांसफर किए। इसके बाद आरोपी ने और रकम की मांग की, जिस पर अमित ने दोबारा 80 हजार रुपए भेज दिए। काफी देर तक नगद राशि नहीं मिलने पर उन्हें ठगी का संदेह हुआ और शहपुरा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस के मुताबिक जिस क्यूआर कोड में रकम भेजी गई, वह किसी ट्रेडर के खाते से जुड़ा था। इसी तरह आरोपी ने अभिषेक सेन के साथ भी ठगी की। उसने 60 हजार रुपए नगद देने का झांसा देकर क्यूआर कोड में पैसे डलवाए और लगातार समय मांगता रहा। करीब चार घंटे बाद भी रुपए नहीं मिलने पर अभिषेक ने आरोपी को बाजार ले जाकर पूछताछ की, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी बीते दो वर्षों से एविएटर ऑनलाइन गेम खेल रहा था। इस दौरान भारी रकम हारने के बाद उसकी गेम आईडी लॉक हो गई थी। आईडी दोबारा चालू कराने के लिए आरोपी ने ठगी का रास्ता अपनाया। परिवार भी परेशान पुलिस ने जब दिवाकर के पिता को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी, तो उन्होंने बताया कि दिवाकर मझौली और आसपास के इलाकों में कई लोगों से उधार लेकर और झूठ बोलकर रुपए ले चुका है। पिता का कहना है कि वह भी बेहद परेशान हैं, क्योंकि लगभग रोज कोई न कोई व्यक्ति घर आकर पैसे की मांग करता है। दो साल से खेल रहा था एविएटर गेम पुलिस जांच में सामने आया है कि मझौली निवासी दिवाकर सिंह ने बीएससी तक पढ़ाई की है और वह पिछले दो सालों से एविएटर नाम का ऑनलाइन गेम खेल रहा था। इस गेम में पहले आईडी और खाता बनाया जाता है, जो शेयर बाजार की तरह ऊपर-नीचे होता रहता है। खाते में नुकसान होने पर उसे पूरा करने के लिए लगातार पैसे डालने पड़ते हैं, अन्यथा आईडी लॉक हो जाती है। पुलिस के अनुसार, भारी रकम हारने के बाद दिवाकर की आईडी बंद हो गई थी, जिसे दोबारा चालू कराने के लिए उसने ठगी करना शुरू किया। पुलिस हिरासत में आरोपी शहपुरा थाना प्रभारी प्रवीण कुमार ने बताया कि दोनों ऑनलाइन सेंटर संचालकों की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। आरोपी दिवाकर इस समय पुलिस हिरासत में है। उन्होंने बताया कि अधिक पैसे देने का लालच देकर उसने कई लोगों से ठगी की है। फिलहाल दो पीड़ित सामने आए हैं और उनसे पूछताछ जारी है।

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