सड़क सुरक्षा अभियान के तहत कोटा में पुलिस और सामाजिक संगठन मिलकर वाहनचालकों की आंखों की जांच भी कर रहे हैं। इसके तहत ये जानने की कोशिश की जा रही है कि कितने लोग आंखों की समस्या से ग्रसित है और उसके बाद भी वाहन चला रहे है। इसके लिए शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर तालाब की पाल स्थित बस स्टैंड पर परिवहन विभाग, ट्रैफिक पुलिस , कोटा सड़क सुरक्षा समिति, लायंस क्लब कोटा टेक्नो, मिश्रा ऑप्टीकल के सहयोग से लगाया गया। कोटा सड़क सुरक्षा समिति के उप सचिव भुवनेश गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि शिविर में 102 वाहन चालकों, सहायक चालकों, यात्रियों एवं अन्य लोगों की आंखों की जांच की गई। इसमें सत्तर फीसदी लोगों में आंखों में कोई न कोई समस्या सामने आई। जिसमें नजर कमजोर होना समेत कई दिक्कते थी। उन्होंने बताया कि वाहन चालकों की आंखों की समस्याएं सड़क दुर्घटनाओं की प्रमुख वजह बनती हैं, जिससे यात्रियों की जान को भी खतरा पैदा होता है। प्रादेशिक परिवहन अधिकारी मनीष शर्मा ने वाहन चालकों को यातायात नियमों के पालन के साथ सुरक्षित वाहन चलाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सभी वाहन चालकों को समय-समय पर अपनी आंखों की जांच जरूर करानी चाहिए जिससे दुर्घटनाओं से बचा जा सके। चैक के बाद वाहनचालकों और लोगों को उनकी परेशानी के बारे में जानकारी देकर इलाज की सलाह भी दी गई। उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत विभिन्न आयोजन किए जा रहे हैं जिससे कि लोगों तक यातायात नियमों और सड़क पर सुरक्षित चलने के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी पहुंचाई जा सके।


