केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदलने के विरोध में कांग्रेस ने राष्ट्रव्यापी आंदोलन का आह्वान किया है। इसी क्रम में आज डीडवाना जिला मुख्यालय पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष एवं मकराना विधायक जाकिर हुसैन गैसावत ने किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय से जिला कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं के हाथों में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीरें थीं और वे केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। “गांधी का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान” और “मनरेगा का नाम वापस लो” जैसे नारे लगाए गए। पैदल मार्च के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार के बाहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर अपना विरोध जताया। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और पुलिस बल मौके पर तैनात रहा।
इस अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मकराना विधायक जाकिर हुसैन गैसावत ने कहा कि मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाना दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने इसे महात्मा गांधी का अपमान बताया और कहा कि यह कदम भाजपा व आरएसएस की गांधी विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। गैसावत ने आगे कहा कि मनरेगा योजना ग्रामीण भारत की जीवनरेखा है, जिसे कांग्रेस सरकार ने गरीब, मजदूर और जरूरतमंद लोगों को रोजगार की गारंटी देने के उद्देश्य से शुरू किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान केंद्र सरकार देश की महान विभूतियों की विरासत को मिटाने का प्रयास कर रही है, जिसे कांग्रेस सफल नहीं होने देगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया तो कांग्रेस पार्टी सड़कों से लेकर संसद तक इस मुद्दे पर अपना संघर्ष तेज करेगी। कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में केंद्र सरकार से मनरेगा योजना का मूल नाम बहाल करने की मांग करते हुए आंदोलन को और तेज करने का संकल्प लिया।


