राजस्थान में जल-जीवन मिशन घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की गठित एसआईटी ने बुधवार को 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसीबी ने इन सभी लोगों की आपसी मोबाइल बातचीत को रिकॉर्ड किया गया था। कोर्ट में चालान पेश करने का पता चलने पर पांचों आरोपी फरार हो गए थे। एसीबी टीम की ओर से गिरफ्तार पांचों आरोपी से पूछताछ की जा रही है। एसीबी के डीजी (महानिदेशक) गोविंद गुप्ता ने बताया – एसीबी की ओर से गठित एसआईटी टीम ने जल-जीवन मिशन घोटाले के संबंध में बुधवार को बड़ी कार्रवाई की है। करोड़ों रुपए के घोटाले में आरोपी महेश कुमार मित्तल (प्रोपराइटर- गणपति ट्यूबवेल), उनके बेटे हेमन्त मित्तल उर्फ गोलू, पीयूष जैन (प्रोपराइटर- श्याम ट्यूबवेल), उमेश कुमार शर्मा (मैनेजर/ लाइजनिंग ऑफिसर, श्याम ट्यूबवेल) और गोपाल कुमावत (तत्कालीन लेखाधिकारी, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी)) को अरेस्ट किया गया है। राजकोष से निकाले करोड़ों रुपए
जल-जीवन मिशन में करोड़ों रुपए के घोटाले को लेकर एसीबी में साल 2023 में FIR दर्ज हुई। एसीबी जांच में सामने आया कि जल जीवन मिशन प्रोजेक्ट को लेकर साल 2021-22 में दो निविदा निकाली गई थीं। जिसमें श्याम ट्यूबवेल के प्रोपराइटर पदम चन्द जैन, गणपति ट्यूबवेल के प्रोपराइटर महेश कुमार मित्तल, पीएचईडी की अधिशाषी अभियंता बहरोड माया लाल सैनी, नीमराना के सहायक अभियंता राकेश चौधरी और नीमराना के कनिष्ठ अभियंता प्रदीप कुमार से मिलीभगत कर जल जीवन मिशन प्रोजेक्ट में निविदा प्राप्त करने वाली फर्म मैसर्स श्री गणपति ट्यूबवेल एवं श्री श्याम ट्यूबवेल के प्रोपराइटर और पीएचईडी विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से प्राप्त किया था। काम में अनियमितता और घटिया काम कर मेजरमेंट बुक में गलत जानकारी भरकर राजकोष से करोड़ों रुपए निकाल लिए। एसीबी ने इन सभी लोगों की आपसी बातचीत रिकॉर्ड की। एसीबी को रिकॉर्डिंग में मिलीभगत होने के सबूत मिले। इन्होंने राजकोष से अनियमितता से रकम निकालकर और विभागीय अधिकारियों को रिश्वत देकर अनुचित निजी फायदा कमाया। 2.20 लाख रुपए रिश्वत रकम का लेन-देन किया था
डीजी (एसीबी) गोविंद गुप्ता ने बताया- सभी आरोपियों को अरेस्ट कर कोर्ट में चालान पेश करने के लिए एसआईटी का गठन किया गया। एसीबी की ओर से पूर्व में भी 6 व्यक्तियों को जल जीवन मिशन की कार्रवाई के तहत औचक निरीक्षण किया गया था, जिनके खिलाफ जांच कर कोर्ट में चालान पेश किया गया। करोड़ों रुपए घोटाले में आरोपी फरार थे, जिनमें से पांचों आरोपियों को बुधवार को अरेस्ट किया गया है। इन सभी ने पूर्व में पीएचईडी अफसरों से बातचीत कर 2.20 लाख रुपए रिश्वत रकम का लेन-देन किया था। रिश्वत की रकम भी राजकोष से प्राप्त की थी। एडीजी (एसीबी) स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन में आरोपियों से पूछताछ कर अग्रिम अनुसंधान किया जा रहा है। 5 पॉइंट में समझें, क्या है जल जीवन मिशन घोटाला? जल-जीवन मिशन घोटाले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए…
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