सीमावर्ती क्षेत्र में 122वीं वाहिनी सीमा सुरक्षा बल की ओर से ग्राम झलरीया में सिविक एक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम महानिरीक्षक एम. एल. गर्ग, जोधपुर फ्रंटियर के मार्गदर्शन में कमांडेंट मुकेश पंवार सहित वरिष्ठ अधिकारियों, स्टाफ ऑफिसरों और बल के जवानों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान ग्राम झलरीया, करमावली, माण्डला और मुरार की ढाणी के ग्रामीणों एवं स्कूल के बच्चों को ग्राम सरपंच के माध्यम से विभिन्न उपयोगी सामग्री वितरित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य थार मरुस्थल के कठिन सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों के साथ जनसंपर्क मजबूत करना, जनकल्याण को बढ़ावा देना और सीमा वासियों के मन में सुरक्षा व विश्वास की भावना को सुदृढ़ करना रहा। स्कूल के लिए खेलकूद की सामग्री भेंट की विद्यालयों के लिए स्कूल बैग, पठन-पाठन सामग्री और खेलकूद की सामग्री प्रदान की गई, जिससे बच्चों की शिक्षा और शारीरिक विकास को प्रोत्साहन मिले। ग्रामसभा के लिए टेबल, प्लास्टिक कुर्सियां, सोलर लाइट, पानी संग्रहण के बर्तन, आरओ और वाटर पंप जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। मेडिकल कैम्प का आयोजन, निशुल्क दवा वितरण इसके साथ ही एक मेडिकल कैम्प का आयोजन किया गया, जिसमें एसी/एमओ राजेश कुमार द्वारा ग्रामीणों का सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और आवश्यक दवाओं का निशुल्क वितरण किया गया। पशु चिकित्सा शिविर में सहायक कमांडेंट (पशु चिकित्सा) विकास कुमार ने पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर संबंधित बीमारियों की दवाएं निशुल्क वितरित कीं। इस पहल से ग्रामीणों और उनके पशुधन दोनों को लाभ मिला। आपसी एकता को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महानिरीक्षक एमएल गर्ग ने सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा, जनकल्याण और आपसी एकता को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अधिकारियों का पारंपरिक रूप से शॉल और पगड़ी पहनाकर स्वागत किया। कार्यक्रम में 100 से अधिक ग्रामीणों की सहभागिता रही और वातावरण सौहार्दपूर्ण बना रहा। इसी दिन सीमा चौकी सोमागेप में नवनिर्मित महिला आवास का विधिवत उद्घाटन भी किया गया। इस अवसर पर अधिकारियों, महिला कार्मिकों और जवानों की उपस्थिति रही। उद्घाटन के दौरान बताया गया कि नए आवास से महिला कार्मिकों को सुरक्षित और बेहतर आवासीय सुविधा मिलेगी, जिससे उनके कार्य निष्पादन और मनोबल में वृद्धि होगी। अंत में महानिरीक्षक ने जवानों से मुलाकात कर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनके योगदान की सराहना की और भविष्य में भी पूरी तत्परता, साहस और समर्पण के साथ डटे रहने का आह्वान किया।


