एमएलए फंड में पैसा लेकर मनचाही सिफारिश करने के मामले में भास्कर स्टिंग ऑपरेशन में बेनकाब हुए तीनों विधायकों को विधानसभा की आचार समिति ने नोटिस देकर तलब किया है। आचार समिति ने बीजेपी विधायक रेवंतराम डांगा, कांग्रेस विधायक अनिता जाटव और निर्दलीय विधायक ऋतु बानावत को नोटिस जारी कर 19 दिसंबर को 11 बजे तलब किया है। आचार समिति तीनों विधायकों से वन टू वन मिलकर सवाल जवाब करेगी। विधानसभा में सभापति कैलाश वर्मा की अध्यक्षता में हुई आचार समिति की बैठक में भास्कर स्टिंग में बेनकाब हुए तीनों विधायकों के मामले की चर्चा हुई। बैठक में तीनों विधायकों को तलब करने और उन्हें नोटिस जारी करने का फैसला हुआ। विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी ने रविवार को ही यह मामला आचार समिति को सौंपा था। तीनों विधायक अपनी विधायक निधि से विकास कार्यों की अनुशंसा करने के नाम पर कमीशन ले रहे थे। इस मामले में भास्कर के एक रिपोर्टर ने एक डमी फर्म का प्रोपराइटर बनकर विधायकों से संपर्क किया और इस भ्रष्टाचार को उजागर किया था। भास्कर स्टिंग से जुड़ी 3 PHOTOS… सदाचार कमेटी के सभापति बोले- आचरण, अनुशासन में कोताही बर्दाश्त नहीं होगी
आचार समिति की बैठक में तीनों विधायकों को तलब करने का फैसला किया है। तीनों विधायकों को 19 दिसंबर को 11 बजे समिति के सामने हाजिर होना है। तीनों को वाट्सएप, ईमेल और हार्ड कॉपी सहित मैसेज करने के जितने माध्यम हैं, उनके जरिए नोटिस भेजा गया है। तीनों विधायकों से समिति वन टू वन पक्ष पूछेगी। उन्हें जो पक्ष रखना है वो रखेंगे। यह समिति विधायकों के अनुशासन और आचरण से जुड़ी है, इसमें किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। 24 तारीख तक हमारी समिति की लगातार बैठकें चलेंगी। आचार समिति में 12 विधायक
विधानसभा की आचार समिति में 12 सदस्य हैं। समिति में विधायक अभिमन्यु पूनिया, गणेश घोघरा, बीजेपी विधायक जयदीप बिहाणी, सुखवंत सिंह, जेठानंद व्यास, बालमुकुंद आचार्य, भगवानाराम सैनी, मोती राम, वीरेंद्र सिंह, हंसराज पटेल और राजेंद्र गुर्जर सदस्य हैं। आचार समिति की रिपोर्ट के आधार पर तीनों के खिलाफ कार्रवाई का फैसला होगा
आचार समिति तीनों विधायकों का पक्ष सुनने के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। यह रिपोर्ट स्पीकर को दी जाएगी। इसके बाद इसे विधानसभा में रखा जाएगा। तीनों विधायकों के खिलाफ कार्रवाई करने के बारे में आचार समिति जो भी सिफारिश करेगी, उस पर सदन की राय ली जाएगी। विधानसभा में वोटिंग के बाद तीनों विधायकों पर कार्रवाई का अंतिम फैसला होगा। समिति तीनों को निलंबित करने या विधायकी रद्द करने तक की सिफारिश कर सकती है। रिश्वत मामले में बीएपी विधायक जयकृष्ण पटेल का मामला भी लंबित
मई में रिश्वत के मामले में एसीबी में पकड़े गए बीएपी विधायक जयकृष्ण पटेल का मामला भी आचार समिति के पास लंबित है। आचार समिति को पहले सितंबर में रिपोर्ट देनी थी, लेकिन इस अवधि को आगे बढ़ा दिया गया। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने 4 मई को राजस्थान ने बागीदौरा (बांसवाड़ा) से विधायक जयकृष्ण पटेल को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। विधायक ने दूसरे जिले की खान से जुड़े तीन सवाल पूछे थे। उन सवालों को वापस लेने की एवज में विधायक ने पहले 10 करोड़ मांगे थे, फिर 2.50 करोड़ में सौदा हुआ था।
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