भास्कर संवाददाता| विदिशा मिर्जापुर की नई और पुरानी गल्ला मंडी में मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी है। अनाज तिलहन व्यापार उत्थान कल्याण संघ ने इस पर जिला प्रशासन का ध्यान खींचा है। संघ के अध्यक्ष राधेश्याम माहेश्वरी ने बताया कि नई मंडी में प्लॉट और गोदाम निर्माण का समाधान नहीं हुआ है। इसी कारण किसानों की उपज की नीलामी के बाद तौल और अन्य काम पुरानी मंडी में हो रहे हैं। इससे व्यापारी, किसान और हम्माल सभी परेशान हैं। पुरानी मंडी में ओवरब्रिज के तीसरे सिरे के निर्माण के दौरान सड़क, नाली और बिजली के खंभे तोड़े गए थे। दोबारा निर्माण का आश्वासन मिला था, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। पाइपलाइन डालने के लिए खोदी गई सड़कें अब तक नहीं बनीं। गड्ढों से आवाजाही में दिक्कत हो रही है। बारिश के पानी की निकासी के लिए चौड़े नालों का निर्माण अधूरा है। बारिश में पानी सड़कों से बहकर गोदामों में भर जाता है। इससे हर साल लाखों का नुकसान होता है। दोनों मंडियों में हाईमास्ट और स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। इससे तौल के समय विवाद, चोरी और लूट की आशंका बनी रहती है। सफाई व्यवस्था भी खराब है। मंडी प्रशासन हर माह नगरपालिका को भुगतान करता है, फिर भी सफाई नहीं हो रही। पुरानी मंडी में सड़क के बीच लगी डीपी से हादसे का खतरा है। नई मंडी में मंदिर निर्माण स्थल के सामने लगी डीपी भी बाधा बन रही है। संघ के महामंत्री महेंद्र जैन और अध्यक्ष राधेश्याम माहेश्वरी ने प्रशासन से सभी समस्याओं का जल्द स्थायी समाधान करने की मांग की है।


