हाईस्कूल शिक्षक प्रिंसिपल बनने से प्रबंधन और परीक्षा की तैयारियों में होगा सुधार
रांची जिले में दो दर्जन से अधिक मिडिल स्कूलों को हाईस्कूलों का दर्जा दे दिया गया था। ऐसे 27 मिडिल स्कूलों में लंबे समय से मिडिल स्कूल के शिक्षक ही प्रभारी बने हुए थे। इनको हटाते हुए इन स्कूलों का प्रभार अब हाईस्कूल के शिक्षकों को दे दिया गया है। इससे संबंधित नोटिफिकेशन भी जिला शिक्षा पदाधिकारी विनय कुमार ने जारी कर दिया है। झारखंड राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष जसवंत विजय ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह शिक्षकों की वर्षों पुरानी मांग थी और इससे शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा। दो मामलों में समझिए स्थिति
1. उत्क्रमित उच्च विद्यालय, अनगड़ा
समस्या : बानपुर स्कूल में शैक्षणिक व प्रशासनिक कार्यों में असंतुलन था।
फैसला: कुंदन कुमार (टीजीटी) को प्रभारी प्रधानाध्यापक बनाया गया, पूर्व प्रभारी आनंद कुमार साहु मुक्त किए गए।
प्रभाव : हाईस्कूल स्तर के शिक्षक को प्रभार मिलने से शिक्षण, परीक्षा प्रबंधन व बोर्ड स्तर की तैयारियों में सुधार होगा। 2. उत्क्रमित उच्च विद्यालय, नामकुम
समस्या: राजडेरा स्कूल में भी प्रभारी पद पर मिडिल स्कूल शिक्षक थे, जिससे व्यवस्था के नियमों पर सवाल उठ रहे थे।
फैसला: यहां श्वेता नायक को प्रभारी प्रधानाध्यापक नियुक्त किया गया और रोशन सिंह मुंडा को प्रभार मुक्त किया गया।
प्रभाव : प्रशासनिक निर्णयों में स्पष्टता आएगी, हाईस्कूल का वातावरण बनेगा। बदलाव करने का यह उद्देश्य: जिला प्रशासन की यह पहल हाईस्कूल स्तर की शिक्षा को नियम सम्मत और गुणवत्ता आधारित बनाने की दिशा में पहल है। इसलिए ऐसे स्कूलों को चिह्नित कर हाईस्कूल के योग्य शिक्षकों को प्रभार सौंपा गया है।


