भास्कर न्यूज | जालंधर जालंधर कास्टिंग इंडस्ट्री का हब है। इस इंडस्ट्री में बिजली की भट्ठियों में लोहे को पिघलाकर अलग-अलग पुर्जे तैयार किए जाते हैं। बुधवार को स्थानीय होटल में ऊर्जा प्रबंधन पर इनकॉन 2025 नामक सेमिनार हुआ। इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन फाउंड्री मेन की तरफ से इसका आयोजन किया गया। एक्सपर्ट्स ने कहा कि हम ऊर्जा की जितनी बचत करेंगे, उससे वातावरण का संरक्षण होगा। इसके साथ ही कारखाने के संचालन के लागत मूल्य में भी कमी आएगी। सेमिनार में यूको बैंक के जोनल मैनेजर राहुल कुमार सिंह, ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी के निदेशक पीश्याम सुंदर और सिडबी बैंक से ऋषभ जैन बतौर एक्सपर्ट्स उपस्थित रहे। वक्ताओं ने इंडस्ट्रीज संचालकों को नई वित्तीय योजनाओं, सरकारी प्रोत्साहन और ऊर्जा बचाने वाली अत्याधुनिक तकनीकों पर अपने विचार साझा किए। इसके अलावा हिताची कंपनी से हिमांशु त्रिपाठी और इंडक्टोथर्म इंडिया से वरुण गुप्ता ने भी तकनीकी सत्रों में विचार रखने के लिए आमंत्रित किया गया। डीसी डॉ. हिमांशु अग्रवाल सेमिनार में मुख्य मेहमान के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने वातावरण संरक्षण के लिए किए गए प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया। इंस्टीट्यूट के रीजनल चेयरमैन बलराम कपूर ने कहा कि सही तकनीकों के इस्तेमाल से फाउंड्री उद्योगों में 30% तक ऊर्जा की बचत की जा सकती है। एनर्जी मैनेजमेंट सिस्टम को अपनाना वक्त की जरूरत है। इस दौरान संजीव जुनेजा ने कहा कि वैश्विक कारोबारी प्रतियोगिता के बीच उत्पादन में लागत मूल्य को कम करना जरूरी है। उद्योगों में जितनी ऊर्जा की बचत होगी उतना ही उत्पादों का लागत मूल्य भी घटेगा, इसके जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हम मार्केट में अपना हिस्सा बढ़ा सकते हैं। यहां इंस्टीट्यूट के उत्तरी क्षेत्र के उपाध्यक्ष लोकेश लोहिया, कोषाध्यक्ष अनुराग भदौरिया, मनीष क्वात्रा, फोकल पॉइंट संगठन के प्रधान नरिंदर सिंह सग्गू, तुषार जैन, गुरनाम सिंह भराज, रुपिंदर नंदा, धर्मेंद्र मेहता, जसजीत सिंह बेदी, विशाल गौतम, विनय लूथरा, अजय राय, बरिंदर कलसी, पलविंदर जुनेजा, गौरव चोपड़ा, अतिन चोपड़ा, अखिल कपूर मौजूद रहे।


