शहर की सड़कों पर नियम तोड़ने वालों के खिलाफ यातायात पुलिस सख्त हो गई है। अब लापरवाही, तेज रफ्तार और नियमों की अनदेखी करने वालों को कोई रियायत नहीं मिलेगी। महज 30 दिन में 11 एफआईआर, 18 हजार से अधिक चालान और 7,443 वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन के लिए भेज दिए। ओवरस्पीड, शराब पीकर वाहन चलाने और बिना हेलमेट जैसे मामलों में कार्रवाई के आंकड़े न सिर्फ चौंकाने वाले हैं, बल्कि यह भी बताते हैं कि एक छोटी सी गलती अब भारी पड़ सकती है। यातायात पुलिस की यह सख्ती आमजन को साफ संकेत है कि सड़क पर नियमों का उल्लंघन अब सीधे कानूनी कार्रवाई में बदलेगा। डीसीपी ट्रैफिक सुमित मेहरड़ा ने बताया कि तेज रफ्तार में वाहन चलाकर अन्य लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले चालकों के खिलाफ आईटीएमएस कैमरों की सहायता से बीएनएस-2023 की धारा-125, 284 और मोटर वाहन अधिनियम की धारा-183 व 184 के तहत कुल 11 एफआईआर दर्ज की गईं। लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने और मानव जीवन को संकट में डालने वाले चालकों के खिलाफ दो अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए। सार्वजनिक स्थानों पर वाहन खड़ा कर बाधा या खतरा उत्पन्न करने वाले वाहनों के विरुद्ध बीएनएस-2023 की धारा 285 के तहत भी दो एफआईआर दर्ज कराई गईं। राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण को प्राथमिकता देते हुए बगरू से दौलतपुरा तक लेन ड्राइविंग समझाइश अभियान चलाया, जिसके दौरान निर्धारित लेन का उल्लंघन करने वाले 11,943 वाहनों, गलत दिशा में चलने वाले 232 चालकों, नो पार्किंग में खड़े 524 वाहनों और अन्य धाराओं में 5,056 चालकों सहित कुल 18,650 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की। 47 ई-रिक्शा जब्त 1,207 अवैध प्रेशर हॉर्न जब्त किए। यातायात नियमों का पालन न करने वाले कुल 1,02,255 वाहन चालकों को नोटिस जारी किए। यातायात नियमों का लगातार उल्लंघन करने वाले 7,443 चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस एमवी एक्ट की धारा 206(4) के तहत परिवहन विभाग को निलंबन के लिए भेजे गए, जिनमें से 4,492 लाइसेंस विभाग द्वारा निलंबित कर दिए हैं। इसी अवधि में ई-रिक्शा संचालन को व्यवस्थित करने के लिए विशेष अभियान चलाया, जिसके दौरान नियमों की अवहेलना पर 47 ई-रिक्शा जब्त किए और अन्य धाराओं में कुल 5,381 चालकों के खिलाफ कार्रवाई की। इस प्रकार ई-रिक्शा अभियान के दौरान कुल 5428 प्रवर्तन कार्रवाई की। 2 साल में हुई कार्रवाई के आधार पर समझें पूरा गणित


