नागौर के श्रीबालाजी के स्थान पर अलाय को पंचायत समिति बनाने की मांग को लेकर ग्रामीणों की जन आक्रोश रैली अब अनिश्चितकालीन धरने का रूप ले चुकी है । कल पुलिस के कड़े पहरे और नाकेबंदी को तोड़कर शहर में घुसे हजारों किसान अब पशु प्रदर्शनी स्थल पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। हाड़ कंपाने वाली सर्दी के बावजूद किसानों ने पूरी रात खुले टेंट के नीचे बिताई और साफ कर दिया कि जब तक मांग पूरी नहीं होती, वे पीछे नहीं हटेंगे। बेनतीजा रही प्रशासन के साथ वार्ता तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए ADM चम्पालाल जीनगर और SDM गोविन्द भींचर पशु प्रदर्शनी स्थल पहुंचे। अधिकारियों ने किसान नेताओं के साथ लंबी वार्ता की और उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अडिग रहे। प्रदर्शनकारीयों ने स्पष्ट किया कि उन्हें कोरे आश्वासन नहीं, बल्कि अलाय को पंचायत समिति बनाने का लिखित आदेश चाहिए।वार्ता विफल होने के बाद किसान नेताओं ने इसे अनिश्चितकालीन धरने में बदलने की घोषणा कर दी। सर्दी पर भारी पड़ा आक्रोश नागौर में पड़ रही भीषण सर्दी भी किसानों के हौसलों को पस्त नहीं कर सकी। रात भर अलाव जलाकर किसान धरना स्थल पर ही डटे रहे। ग्रामीणों का कहना है कि यह उनके अस्तित्व और सुविधा की लड़ाई है, जिसे वे अधूरा नहीं छोड़ेंगे। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किसानों के आक्रोश और भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। पशु प्रदर्शनी स्थल और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस का अतिरिक्त जाब्ता (Force) तैनात किया गया है। शहर की कानून व्यवस्था न बिगड़े, इसके लिए पुलिस के उच्च अधिकारी स्वयं मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इन गांवों का मिल रहा समर्थन आंदोलन में अलाय, छीला, गंठीलासर, मकोड़ी, पींपासर और रोहिणी सहित करीब एक दर्जन गांवों के ग्रामीण एकजुट हैं। किसानों का तर्क है कि भौगोलिक और प्रशासनिक दृष्टि से अलाय पंचायत समिति के लिए अधिक उपयुक्त है।


