पंजाब के लुधियाना में जिला परिषद चुनाव में आम आदमी पार्टी ने अन्य पार्टियों से बेहतर प्रदर्शन तो किया लेकिन जिला परिषद का चेयरमैन बनाने के लिए जरूरी संख्या को वो भी हासिल नहीं कर सके। आम आदमी पार्टी ने जिला परिषद की 11 सीटें जीती हैं जबकि चेयरमैन बनाने के लिए कम से कम 13 सीटें जरूरी हैं। चेयरमैन बनाना आम आदमी पार्टी के लिए भी आसान नहीं होगा। आम आदमी पार्टी को अपना चेयरमैन बनाने का सारा दारोमदार अब विधायक मनप्रीत सिंह अयाली के हाथ में है। आम आदमी पार्टी को चेयरमैन बनाने के लिए दो सदस्यों की जरूरत है और मनप्रीत अयाली के पास तीन सदस्य हैं। कांग्रेस के पास 8 और शिअद के पास 3 सीटें कांग्रेस के पास 8 और शिअद के पास 3 सीटें हैं। कांग्रेस और शिअद आम आदमी पार्टी को समर्थन नहीं देंगे। अगर मनप्रीत अयाली ने आप को समर्थन नहीं दिया तो लुधियाना में जिला परिषद का चेयरमैन बनाने के लिए कांग्रेस में सेंधमारी करनी होगी। हालांकि इस समय कांग्रेस के सदस्य भी पार्टी नहीं छोड़ेंगे क्योंकि एक साल बाद विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। अयाली ने समर्थन दिया तो विधानसभा चुनाव में होगी मुश्किल हलका दाखा में मनप्रीत सिंह अयाली का वर्चस्व लंबे समय से है। उनकी मेहनत से ही उनके समर्थकों ने शानदार जीत हासिल की। अयाली अगर चेयरमैन बनाने के लिए आप को समर्थन देते हैं तो आने वाले विधानसभा चुनाव में उनके लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं क्योंकि 2027 में उन्हें फिर से विधानसभा चुनाव में उतरना है और सामने उनका मुकाबला आप के उम्मीदवार से होगा। मेरे समर्थक दो चेयरमैन के लिए समर्थन मनप्रीत अयाली को पता है कि उनके समर्थन के बिना जिला परिषद का चेयरमैन नहीं बन सकता। ऐसे में अयाली ने अब नया दाव चल दिया है। अयाली ने कहा कि उनके तीन समर्थक चुनाव जीते हैं उनमें से एक को चेयरमैन बनाने के लिए जो समर्थन देना चाहते हैं वो साथ आएं। हम पूरे जिले में विकास करके दिखाएंगे। हमारे पास विकास करवाने का पूरा अनुभव है। लुधियाना जिला परिषद के जीते उम्मीदवार ललहेड़ी से जतिंदर सिंह औजला (अकाली दल), बीजा से अवतार सिंह (आम आदमी पार्टी), मटण से जगरूप सिंह (AAP), नीलों कलां से हरजोत सिंह मंगत (अकाली दल), खिरनियां से बरिंदरदीप कौर (AAP), मत्तेवाड़ा से ज्ञानप्रीत कौर ग्रेवाल (AAP), चक सरवां नथ से हरजीत कौर (अकाली दल), कद्दों से गुरविंदर सिंह गिल (कांग्रेस), रामगढ़ सरदारां से अवतार सिंह (कांग्रेस) जीते हैं। किला रायपुर से सिकंदर सिंह (AAP)। नारंगवाल से जसवीर कौर (AAP), पक्खोवाल से राजविंदर कौर बराड़ (कांग्रेस), सुधार से सतवंत सिंह (कांग्रेस), हंसकलां से अमनदीप कौर रूमी (निर्दलीय), बिंजल से सुखभिंदर सिंह (कांग्रेस), मानूके से शहरीन कौर (AAP), सिधवां कलां से गुरप्रीत कौर (AAP), गालिब कलां से हरिंदरजीत सिंह चाहल (कांग्रेस), पुड़ैन से गुरमीत सिंह (निर्दलीय) जीत दर्ज की है। इसके साथ ही हंबड़ा से अजीतपाल कौर (AAP), मोही से प्रो. प्रदीप कौर लटाला (निर्दलीय), गिल से बलराज सिंह (AAP), धांधरा से लखवीर कौर (AAP), आलमगीर से हरजीवन कौर (कांग्रेस), मांगट से तजपरविंदर सिंह (कांग्रेस) ने जीत हासिल की। जिला परिषद लुधियाना: पार्टी-वाइज कुल सीटें आम आदमी पार्टी: 11 कांग्रेस : 8 शिअद: 3 आजाद(मनप्रीत अयाली गुट): 3 कुल सीटें 25 2018 में कांग्रेस ने जीती थी 25 की 25 सीटें 2018 में हुए जिला परिषद चुनावों में कांग्रेस पार्टी ने जिले की सभी 25 सीटों पर जीत हासिल करके अपना चेयरमैन बनाया था। तब पंजाब में कांग्रेस पार्टी की सरकार थी और कैप्टन अमरिंदर सिंह मुख्यमंत्री थे। जिला परिषद का कार्यकाल 2023 में समाप्त हो गया था और तब से चुनाव नहीं करवाए गए। उससे पहले लुधियाना में अकाली दल का चेयरमैन रहा है।


