जोधपुर ग्रामीण के कापरड़ा थाना क्षेत्र में 14 दिसंबर को हुए सड़क हादसे में पुलिस ने एक बड़ी चुनौती पर कामयाबी हासिल की। जयपुर-जोधपुर हाइवे पर अज्ञात वाहन की टक्कर से एक श्रद्धालु की मौत हो गई थी, लेकिन उसकी शिनाख्त पुलिस के लिए कठिन साबित हो रही थी। मृतक के पास कोई पहचान पत्र या फोटो नहीं मिला था। एएसपी भोपालसिंह लखावत ने बताया कि हादसा रात के समय हुआ था। अंधेरा होने और आस-पास कैमरे न होने की वजह से हादसे का कोई साक्ष्य नहीं मिला। ऐसे में पुलिस टीम ने कापरड़ा से लेकर आसपास के क्षेत्रों तक करीब 100 जगहों के CCTV फुटेज खंगाले। जांच के दौरान सामने आया कि मृतक का नाम प्रभुलाल (55) निवासी बूंदी है, जो रामदेवरा के दर्शन के लिए पैदल यात्रा पर निकला था। वह प्रतिदिन करीब दो किलोमीटर दंडवती यात्रा करता था। यात्रा के दौरान वह अपना बैग हाइवे पर किसी होटल में रख देता और दंडवत यात्रा के बाद वापस जाकर बैग लेकर आगे बढ़ता था। इसी दौरान पुलिस को एक फुटेज में वह होटल पर बैग रखते हुए नजर आया। जांच में पुलिस ने उस बैग को बरामद किया, जिसमें मिले आधार कार्ड से मृतक की पहचान की गई। इसके बाद बूंदी पुलिस की मदद से परिजनों को सूचना दी गई। परिजन बुधवार को जोधपुर पहुंचे, जहां पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव उन्हें सुपुर्द कर दिया।


