युनिवरर्सिटी में EPF के 9 करोड़ की FD तुड़वा दी:एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में बिना स्वीकृति के मनमर्जी, कांग्रेस अध्यक्ष का आरोप भारी अनियमितता हुई, जांच हो

महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MPUAT) में कृषि विश्वविद्यालय कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) राशि की करीब 9 करोड़ रुपए की राशि की दो फिक्स्ड डिपाजिटस बिना स्वीकृति तुड़वाते हुए अन्य बैंकों में बचत खाते में जमा करवा दी जिससे ब्याज को लेकर नुकसान हुआ है। राज्य सरकार के एजी आडिट विभाग की टीम ने इस पर सवाल उठाए है। यह जानकारी उदयपुर शहर कांग्रेस के अध्यक्ष फतह सिंह राठौड़ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। राठौड़ ने बताया कि एजी आडिट विभाग की टीम ने महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कोष कार्यालय की कैश बुक और उससे संबंधित बैंक खातों की लेखा अवधि अप्रेल 2024 से मार्च 2025 की जांच की तो सामने आया कि कैश बुक की बैलेंस राशि और उस कैश बुक से संबधित बैंक खातों के स्टेटमेंट की बैलेंस राशि में दस करोड़, सत्रह लाख, बीस हजार, सताईस रूपये की राशि कम है।आडिट टीम ने अपनी टिप्पणी में सवाल किया कि इस राशि का अंतर क्यों आया है। राठौड़ ने बताया कि इसी अवधि में वित नियंत्रक ने जांच में पाया कि कृषि विश्वविद्यालय कर्मचारी भविष्य निधि राशि की नौ करोड़, निन्यानवे लाख, पचास हजार रुपए की बडी राशि की दो फिक्स्ड डिपाजिटस भी कुलगुरू या वित नियंत्रक की बिना स्वीकृति के तुड़वा कर अन्य बैकों में बचत खाते में जमा करवा दी और जिसके कारण कृषि विश्वविद्यालय कर्मचारी भविष्य निधि राशि फंड को भारी ब्याज हानि हुई। एजी आडिट टीम द्वारा कैश बुक व बैंक खातों में दस करोड से ज्यादा राशि के अंतर का मिलान कार्य पुरा नही करने के कारण वित नियंत्रक दर्शना गुप्ता ने अग्रिम आदेशों तक दिनेश सुखवाल को कोषाधिकारी पद पर कार्य करने तथा लोकेश कुमार यादव को बैंक खातों तथा कैश बुक का रिकंसीलेशन करने तथा विश्वविद्यालय की सारी फिक्स्ड डिपाजिटस की सूचना व अभिलेख संधारित करके प्रस्तुत करने का आदेश दिया है मगर अब तक कोई जवाब नहीं दिया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष राठौड़ ने ये सवाल भी उठाए जिन पर आरोप वे बोले, गडबड़ी नहीं.. डेयरी कॉलेज के डीन लोकेश गुप्ता कहते है कि जानबुझकर छवि खराब करने का काम किया जा रहा है। आरोपी कोषाधिकारी लोकेश कुमार यादव कहते है कि मेरे कार्यकाल में ऐसी कोई गड़बड़ी नहीं हुई है।

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