डीडवाना-कुचामन में बीमा कानून (संशोधन) विधेयक–2025 के विरोध में बीमा कर्मियों ने प्रदर्शन किया। ऑल इंडिया इंश्योरेंस एम्प्लॉई एसोसिएशन और संयुक्त मंच के आह्वान पर हुए इस प्रदर्शन में कर्मचारियों ने विधेयक को जनविरोधी बताया और इसे वापस लेने की मांग की। शाखा अध्यक्ष एवं मंडल उपाध्यक्ष शंकर लाल वर्मा ने कहा कि सरकार द्वारा संसद में पेश किया गया बीमा संशोधन विधेयक–2025 का नाम ‘सबका बीमा, सबकी रक्षा’ भ्रामक है। उन्होंने आरोप लगाया कि जन-समर्थक शब्दावली के जरिए ऐसी नीति को वैध ठहराया जा रहा है, जो वास्तव में जनहित को कमजोर करती है। शाखा सचिव सोरम तिवाड़ी ने विधेयक में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की सीमा 100 प्रतिशत तक बढ़ाने के प्रस्ताव का विरोध किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में बीमा क्षेत्र में FDI की सीमा 74 प्रतिशत है, लेकिन अब तक केवल 32 प्रतिशत FDI का ही उपयोग हुआ है। ऐसे में सीमा बढ़ाने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि श्रमिक संगठनों का संयुक्त मंच भी इस विधेयक का कड़ा विरोध कर रहा है। इस प्रदर्शन में किशन मीणा, हेमंत मीणा, शिवराज सिंह सहित बड़ी संख्या में बीमा कर्मी शामिल हुए। कर्मचारियों ने एकजुटता दिखाते हुए विधेयक को वापस लेने और सार्वजनिक बीमा क्षेत्र की रक्षा की अपनी मांग दोहराई।


